जम्मू- कश्मीर ने टीकाकरण के बाद उच्च शिक्षण संस्थाओं को प्रत्यक्ष कक्षाओं की अनुमति दी

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जम्मू- कश्मीर ने टीकाकरण के बाद उच्च शिक्षण संस्थाओं को प्रत्यक्ष कक्षाओं की अनुमति दी

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  • Publish Date - August 29, 2021 / 06:55 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:50 PM IST

जम्मू, 29 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रविवार को सभी कर्मचारियों और छात्रों का पूरी तरह से टीकाकरण हो जाने पर उच्च शिक्षण संस्थानों को प्रत्यक्ष तरीके से कक्षाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी। कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण ये संस्थान चार महीने से बंद थे।

हालांकि, प्रशासन ने अगले आदेश तक स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को बंद करने की अवधि बढ़ा दी है। लखनपुर में केंद्र शासित प्रदेश के प्रवेश स्थल पर ऐसे लोगों के लिए कोविड-19 की अनिवार्य जांच को समाप्त करने का भी निर्णय लिया, जिन्होंने टीके की दोनों खुराक ले ली है। टीका ले चुके लोगों को सार्वजनिक पार्कों में प्रवेश की अनुमति भी दी गयी है।

मुख्य सचिव ए. के. मेहता की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। रात्रिकालीन कर्फ्यू सहित कोविड​​​​-19-रोकथाम संबंधी अधिकतर दिशा-निर्देशों को बनाए रखने का निर्णय लिया गया और जिलाधिकारियों को सख्ती से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पूर्ण अनुपालन हो। उल्लंघन करने वालों से आपदा प्रबंधन अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सख्ती से निपटने को भी कहा गया है।

साप्ताहिक आधार पर आए नए मामलों (प्रति दस लाख), कुल संक्रमण दर, अस्पतालों में भर्ती मरीजों, मृत्यु दर और लक्षित आबादी के टीकाकरण कवरेज पर ध्यान देने के साथ कोविड-19 स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गयी। राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) के अध्यक्ष मेहता ने आदेश में कहा कि सभी स्कूल और कोचिंग सेंटर अगले आदेश तक प्रत्यक्ष तरीके से अध्ययन-अध्यापन के लिए बंद रहेंगे।

आदेश में कहा गया है कि उपायुक्त संक्रमण दर पर नजर रखेंगे और संक्रमण दर चार प्रतिशत से अधिक होने पर सार्वजनिक या निजी कार्यालयों, सामुदायिक हॉल, मॉल और बाजारों जैसे बंद स्थानों में सख्त नियंत्रण उपायों को लागू करने पर विचार करेंगे।

भाषा आशीष नीरज

नीरज