शह मात The Big Debate: जंगे नीट का फ़साना, कहीं निगाहे… कहीं निशाना! स्टूडेंट्स आंदोलन को राजनीतिक दलों ने किया हाईजैक, सदन से सड़क तक लड़ाई, क्या निकला परिणाम?
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MP BJP-Congress Protest: दिल्ली में बीते कुछ दिनों से चल रहे घटनाक्रम की स्क्रिप्टेड प्रतिक्रिया अब एमपी में भी दिख रही है।
MP BJP-Congress Protest:भोपाल: देश की राजधानी दिल्ली में बीते कुछ दिनों से चल रहे घटनाक्रम की स्क्रिप्टेड प्रतिक्रिया अब एमपी में भी दिख रही है। जहां एक ओर विधानसभा में मुख्यमंत्री के कक्ष के बाहर कांग्रेस विधायकों ने धरना दिया। बीजेपी की घेराबंदी की तो दूसरी ओर जीतू पटवारी सदन के मेंबर नहीं है और उनको कैसे फुटेज मिले,तो वो राजभवन के सामने धरने पर बैठ गए, ये तस्वीरें बता रही हैं कि स्टूडेंट्स आंदोलन के नाम पर उपजा आक्रोश अब राजनैतिक दलों ने भी हाईजैक कर लिया है। इसी सिलसिले में कांग्रेस ने एमपी विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव के ज़रिए नीट पेपर लीक पर चर्चा की मांग की। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने ये कहकर मांग खारिज कर दी कि ये मसला सूबे से संबद्ध नहीं है..फिर क्या था कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया।
इधर ऐसी ही देशव्यापी पटकथा के साथ बीजेपी भी मैदान में कूद पड़ी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल अपने पूरे दल बल के साथ कांग्रेस दफ्तर का घेराव करने निकले।(MP BJP-Congress Protest) बीजेपी इसलिए गुस्से में है कि प्रधानमंत्री निवास का घेराव कर राहुल गांधी ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में डाला। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस अनर्गल आरोप लगाने का काम करती है, राहुल गांधी देश को बदनाम कर रहे हैं।
MP BJP-Congress Protest: पक्ष-विपक्ष के अपने-अपने तर्क हैं लेकिन सवाल ये कि क्या नीट पर्चा लीक के मुद्दे से उपजा आंदोलन, अब भटक गया है? क्या अब पॉलिटिकल पार्टियां आंदोलन को हाईजैक कर अपना-अपना उल्लू सीधा करने के अभियान में जुट गई हैं? सबसे बड़ा सवाल ये कि- क्या राहुल गांधी ने हाई सिक्योरिटी जोन में धरना देकर अपनी पार्टी को कोई लाइन तो नहीं दे दी कि वे भी अपने सूबे में अपनी सुविधा के मुताबिक़ ऐसा कर सकते हैं?