जम्मू-कश्मीर: कैग ने होकरसर झील के पारिस्थितिक पतन को लेकर आगाह किया

जम्मू-कश्मीर: कैग ने होकरसर झील के पारिस्थितिक पतन को लेकर आगाह किया

जम्मू-कश्मीर: कैग ने होकरसर झील के पारिस्थितिक पतन को लेकर आगाह किया
Modified Date: April 16, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: April 16, 2026 10:36 pm IST

जम्मू, 16 अप्रैल (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने होकरसर झील में 2,500 कनाल से अधिक भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और पारिस्थितिक क्षरण को लेकर गंभीर चिंता जताई है और आगाह किया है कि यह आर्द्रभूमि तेजी से खराब हो रही है तथा इसकी ‘‘मूल प्राकृतिक आभा’’ समाप्त होने के कगार पर है।

कैग ने झील के संरक्षण और प्रबंधन में ‘‘विफलता’’ को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि प्रदूषण, अतिक्रमण और वैज्ञानिक योजना के अभाव के कारण क्षरण का सामना कर रही है।

केंद्र शासित प्रदेश में वर्ष 2023-24 के लिए झीलों के संरक्षण पर कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि उचित सर्वेक्षण और सीमांकन के अभाव में अतिक्रमण हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘निर्माण, वृक्षारोपण और कृषि गतिविधियों के लिए झील क्षेत्र के लगभग 2,528.10 कनाल पर अतिक्रमण किया गया है। नोटिस जारी करने के बावजूद अधिकारी अतिक्रमणकारियों को हटाने में असफल रहे।’’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समग्र संरक्षण और प्रबंधन कार्यक्रम के अभाव में भूमि उपयोग में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जिससे झील का क्षरण हो रहा है।

भाषा राखी शफीक

शफीक


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