जेएनयू अधिकारियों ने परिसर में देर रात हुई झड़पों के बाद कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी

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जेएनयू अधिकारियों ने परिसर में देर रात हुई झड़पों के बाद कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी

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  • Publish Date - February 23, 2026 / 02:50 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 02:50 PM IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देर रात हुई झड़पों में कई छात्रों के घायल होने के बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है और किसी भी प्रकार के अभद्र व्यवहार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जेएनयू में रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाने के बाद तनाव बढ़ गया। वामपंथी छात्र संगठन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) दोनों ने एक-दूसरे पर हिंसा और पथराव करने का आरोप लगाया।

जेएनयू के कुलसचिव द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और उसने किसी भी प्रकार के अनुशासनहीन व्यवहार के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

बयान में कहा गया है, ‘‘जेएनयू प्रशासन के संज्ञान में आया है कि परिसर के भीतर कई शैक्षणिक भवनों को कथित तौर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह द्वारा बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय पुस्तकालय में घुस गए और छात्रों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कथित तौर पर डराया-धमकाया गया।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘पता चला है कि इसके कारण परिसर में छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हो गई। जेएनयू प्रशासन ने इन चिंताजनक घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लिया है।’’

सभी पक्षों से शांति बनाए रखने का आग्रह करते हुए बयान में कहा गया है कि परिसर में कक्षाएं और अन्य गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं।

दक्षिणपंथी छात्र संगठन एबीवीपी ने दावा किया कि वाम समर्थित समूहों द्वारा अध्ययन कक्षों में पढ़ रहे छात्रों पर हमला करने के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।

एबीवीपी के प्रदेश सचिव विकास पटेल ने आरोप लगाया, ‘‘कई छात्रों को बाथरूम में बंद कर दिया गया था। वाम समर्थित छात्रों ने सभी अध्ययन कक्षों को बंद करने की मांग की।’’ उन्होंने दावा किया कि लाठी-पत्थर लिए नकाबपोश लोगों ने परिसर में हिंसा फैलाई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वामपंथी समूहों के लगभग 250 लोगों की भीड़ ने परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया।

वाम समर्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने अपने निष्कासन आदेश को वापस लेने और कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित के इस्तीफे की मांग करते हुए रविवार रात को पूर्वी द्वार की ओर ‘समता जुलूस’ निकालने का आह्वान किया था।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मार्च में शामिल छात्रों से संवाद के बजाय एबीवीपी के सदस्यों को उनसे भिड़ने दिया।

वहीं, दक्षिणपंथी छात्र संगठन ने दावा किया कि हमले के बाद उनके कई समर्थकों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

धुलीपुडी पंडित ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि समुदाय ‘‘हमेशा पीड़ित बने रहकर या पीड़ित होने का नाटक करके प्रगति नहीं कर सकते’’, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। जेएनयूएसयू ने उनकी टिप्पणियों को ‘‘जातिवादी’’ और हाशिए पर पड़े समुदायों के प्रति ‘‘असंवेदनशील’’ बताया।

भाषा

गोला वैभव

वैभव

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