जेएनयू के शिक्षकों ने असहमति की आवाज के प्रति ‘असमान’ व्यवहार पर सवाल उठाए

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जेएनयू के शिक्षकों ने असहमति की आवाज के प्रति 'असमान' व्यवहार पर सवाल उठाए

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 01:00 AM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 01:00 AM IST

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने सोमवार को साबरमती टी-पॉइंट पर एक एकजुटता सभा आयोजित की, जिसमें परिसर में समानता, न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग की गई।

कार्यक्रम के पोस्टर में, शिक्षक संगठन ने असहमति की आवाज के प्रति किए जा रहे ‘‘असमान व्यवहार’’ पर सवाल उठाए और शिक्षा मंत्रालय से जवाब देने का आग्रह किया।

माकपा नेता वृंदा करात और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मुकुल वासनिक सहित कई नेताओं ने कार्यक्रम में भाषण दिया।

करात ने कहा, ‘‘हमारा संविधान जातिवाद के खिलाफ है, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलपति ने पॉडकास्ट में इसका बचाव किया है। कुलपति को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।’’

वासनिक ने कहा कि जेएनयू प्रशासन और पुलिस ने छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया। सांसद ने कहा, ‘‘अपराधियों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता, जैसा छात्रों के साथ विरोध प्रदर्शन के दौरान किया गया है।’’

शिक्षकों ने कहा कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों को उजागर करना और संस्थागत प्रक्रियाओं में विश्वास बहाल करना था।

इसी बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मुख्य निरीक्षक कार्यालय (सीपीओ) के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उसने सीपीओ नियमावली में पारदर्शिता की कमी और 5 लाख रुपये से अधिक के मनमाने जुर्माने का आरोप लगाया।

दक्षिणपंथी संगठन ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने अनुशासनात्मक कार्रवाई और निष्कासन को लेकर मुख्य निरीक्षक से कई घंटों तक सवाल-जवाब किये।

भाषा सुभाष शफीक

शफीक