नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 17 निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विशेष गुणवत्ता जांच कर रहा है। इन परियोजनाओं के लिए लगाई गई बोली अनुमानित परियोजना लागत से 15 प्रतिशत से अधिक कम थी। इस पहल का उद्देश्य निर्माण अवधि के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करना है।
सार्वजनिक क्षेत्र के एनएचएआई ने बुधवार को बयान में कहा कि ये जांच नियमित गुणवत्ता जांच के अतिरिक्त की जा रही हैं। इनका उद्देश्य शुरुआती चरण में ही गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना है, ताकि समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
बयान में कहा गया, ‘‘विशेष जांच का पहला दौर दिसंबर, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।’’
इसमें कहा गया कि एनएचएआई छह महीने बाद अलग विशेषज्ञ दल के साथ चिन्हित परियोजनाओं की दोबारा जांच करेगा, ताकि गुणवत्ता और निर्माण मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
एनएचएआई ने कहा कि इन 17 परियोजनाओं का चयन तीन मानदंडों- 500 करोड़ रुपये से अधिक की निर्माण लागत, 15 प्रतिशत से अधिक की निविदा छूट और 35 से 80 प्रतिशत के बीच भौतिक प्रगति के आधार पर किया गया है।
इनमें कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में नई तथा नियंत्रित प्रवेश वाले गलियारे, बाईपास और चार तथा छह लेन वाली सड़क परियोजनाएं शामिल हैं।
भाषा निहारिका अजय
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