मेघालय की अवैध कोयला खदान में विस्फोट मामले की न्यायिक जांच का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे
मेघालय की अवैध कोयला खदान में विस्फोट मामले की न्यायिक जांच का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे
शिलांग, 15 फरवरी (भाषा) मेघालय के पूर्वी जयंतिया पवर्तीय जिले में पांच फरवरी को एक अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक समिति का प्रमुख उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर.एस. चौहान को नियुक्त किया गया है। सरकार की ओर से 14 फरवरी को जारी एक अधिसूचना से यह जानकारी मिली।
इस विस्फोट में 31 लोगों की मौत हो गई थी।
अधिसूचना के अनुसार,समिति को जवाबदेही तय करने और केंद्रीय खनन कानूनों में संभावित संवैधानिक छूटों की जांच करने का कार्य सौंपा गया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी एच. नोंगप्लुह और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी पी.एस. दखर, जांच आयोग अधिनियम 1952 के तहत गठित इस समिति के अन्य सदस्य हैं।
न्यायमूर्ति चौहान उत्तराखंड उच्च न्यायालय और तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। अधिसूचना के अनुसार, आयोग सुदूर थांगस्कू क्षेत्र के म्यनसंगट गांव में स्थित अवैध खदान में हुए विस्फोट की व्यापक तथ्यान्वेषण करेगी।
इसमें कहा गया है, ‘‘जांच आयोग अधिसूचना की तारीख से छह महीनों की अवधि के भीतर अपने निष्कर्षों और सिफारिशों को शामिल करते हुए अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत कर सकता है।’’
भाषा संतोष धीरज
धीरज

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