जूना अखाड़े ने यति नरसिंहानंद गिरी की शिष्या डॉ उदिता त्यागी को महामंडलेश्वर की उपाधि दी

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जूना अखाड़े ने यति नरसिंहानंद गिरी की शिष्या डॉ उदिता त्यागी को महामंडलेश्वर की उपाधि दी

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 12:06 AM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 12:06 AM IST

हरिद्वार, 22 जुलाई (भाषा) श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने बुधवार को यहां कनखल स्थित हरिहर आश्रम में एक विशेष धार्मिक समारोह में शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी की शिष्या डॉ. उदिता त्यागी का विधिवत पट्टाभिषेक कर उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की।

पट्टाभिषेक के बाद उनका नया संन्यासी नाम ‘महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी’ घोषित किया गया । डॉ. उदिता त्यागी संन्यास ग्रहण करने से पहले एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट विजेता और भाजपा से जुड़ी रह चुकी हैं ।

इस समारोह में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत स्वामी प्रेम गिरी महाराज, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत स्वामी महेश पुरी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे ।

स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने वैदिक परंपरा के अनुसार डॉ. उदिता त्यागी के संन्यास संबंधी सभी धार्मिक संस्कार संपन्न कराए और उन्हें ‘प्रत्यंगिरा गिरी’ नाम प्रदान किया। इसके बाद उन्हें जूना अखाड़े का महामंडलेश्वर घोषित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जूना अखाड़े के अभिन्न अंग हैं और उनका संघर्ष सनातन धर्म की रक्षा के लिए है, जो एक संन्यासी का मूल कर्तव्य है। उन्होंने नव-नियुक्त महामंडलेश्वर से अपने गुरु के आदर्शों और सिद्धांतों पर चलते हुए सनातन धर्म की सेवा एवं संरक्षण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

पट्टाभिषेक के उपरांत महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी को मुरादनगर स्थित श्री महाकाली पीठ हनुमत धाम का पीठाधीश्वर भी घोषित किया गया।

महामंडलेश्वर पद की शपथ लेने के बाद यति मां प्रत्यंगिरा गिरी ने कहा, ‘जिउंगी तो सनातन धर्म के लिए और मरूंगी तो सनातन धर्म के लिए।’

भाषा सं दीप्ति रंजन

रंजन