सोने की तस्करी के मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की हिरासत न्यायालय ने बरकरार रखी

सोने की तस्करी के मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की हिरासत न्यायालय ने बरकरार रखी

सोने की तस्करी के मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की हिरासत न्यायालय ने बरकरार रखी
Modified Date: April 16, 2026 / 09:51 pm IST
Published Date: April 16, 2026 9:51 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री हर्षवर्धिनी रान्या राव को एक बड़ा झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कथित तौर पर देश में सोने की तस्करी के आरोप में केंद्रीय आर्थिक खुफिया ब्यूरो (सीईआईबी) द्वारा पारित निवारक हिरासत आदेश को बृहस्पतिवार को बरकरार रखा है।

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने राव की मां और एक अन्य आरोपी साहिल सरकारिया जैन के रिश्ते के भाई द्वारा कर्नाटक उच्च न्यायालय के 19 दिसंबर, 2025 के उस आदेश के खिलाफ दायर अपीलों को खारिज कर दिया, जिसमें दोनों बंदियों के हिरासत आदेशों को बरकरार रखा गया था।

पीठ ने कहा, “हम पाते हैं कि प्रतिवादी अधिकारियों की ओर से पर्याप्त अनुपालन किया गया है, जिससे यह स्थापित होता है कि हिरासत आदेश संविधान के अनुच्छेद 22(3)(ख) के तहत प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जारी नहीं किया गया है।

विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी निवारण अधिनियम (कोफेपोसा) की धाराओं के तहत क्रमशः 22 अप्रैल 2025 और 23 अप्रैल 2025 को हिरासत में हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्ति, हर्षवर्धिनी रान्या राव और साहिल सरकारिया जैन, ने विदेशी चिन्हित सोने की बिस्टिक के चार अलग-अलग मामलों में निपटान की सुविधा प्रदान करने के आरोप में, अपनी हिरासत आदेशों को मुख्यतः तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी आधारों पर चुनौती दी है।

कानूनी सहायता न दिए जाने के दावे पर, पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(3)(बी) का अर्थ कोफेपोसा अधिनियम की धारा 8(ई) को पढ़ने से समझा जा सकता है और एक बंदी कानूनी सहायता को अधिकार के रूप में नहीं मांग सकता है।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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