कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा मामले में तंबाकू कारोबारी का बेटा गिरफ्तार
कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा मामले में तंबाकू कारोबारी का बेटा गिरफ्तार
(परिवर्तित स्लग से जारी)
कानपुर (उप्र), 12 फरवरी (भाषा) पुलिस ने इस सप्ताह की शुरुआत में कानपुर की वीआईपी रोड पर हुए ‘हाई-प्रोफाइल’ लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में स्थानीय तंबाकू कारोबारी के. के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रमुख ने यह जानकारी दी।
इस हादसे में कई लोग घायल हो गए थे।
इस गिरफ्तारी से एक दिन पहले मोहन नामक वाहन चालक ने दावा किया था कि घटना के समय गाड़ी वह चला रहा था और उसने स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। हालांकि, अदालत ने उसकी आत्मसमर्पण याचिका को खारिज कर दिया था क्योंकि पुलिस ने अपने इस रुख को बरकरार रखा कि उसके पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि वाहन शिवम चला रहा था।
कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आरोपी शिवम मिश्रा (35) को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा।’’
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिवम को दिल्ली के एक अस्पताल से हिरासत में लिया गया, जहां किसी कथित चिकित्सकीय समस्या के कारण (जैसा कि उनके परिवार ने दावा किया है) उसका इलाज किया जा रहा था।
अधिकारी ने बताया कि शिवम को तुरंत कानपुर ले जाया गया ताकि उसे संबंधित अदालत में पेश किया जा सके।
रविवार को दोपहर करीब तीन बजे पॉश ग्वाल्टोली इलाके में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी थी।
इस हादसे में घायल हुए लोगों में शामिल ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) ने बाद में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, शिवम के वकील ने बाद में दावा किया कि तौफीक का आरोपी पक्ष से समझौता हो गया है और अब वह इस मामले में चालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता।
इस मामले में बुधवार को उस समय नया मोड़ आया जब मोहन ने दावा किया कि दुर्घटना के समय वाहन वही चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों से स्पष्ट रूप से साबित होता है कि जब यह हादसा हुआ, उस समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से मिली जानकारी के आधार पर की गई पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वाहन की गति तेज थी।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में निजी सुरक्षाकर्मी दुर्घटना के तुरंत बाद चालक की सीट से संभवत: शिवम को खींचते और फिर उसे एक अन्य एसयूवी में बैठाकर घटनास्थल से ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने शुरुआत में प्राथमिकी में एक ‘‘अज्ञात चालक’’ को आरोपी के रूप में दर्ज किया था लेकिन प्रारंभिक साक्ष्य सामने आने के बाद प्राथमिकी में संशोधन करके शिवम मिश्रा को आरोपी बनाया गया।
पुलिस जांच के अपने निष्कर्षों पर कायम है, जबकि शिवम के पिता और उसके वकील का कहना है कि दुर्घटना के समय लैंबॉर्गिनी वह नहीं चला रहा था।
उन्होंने दावा किया कि गाड़ी किराए का एक चालक चला रहा था और शिवम अस्वस्थ था और यात्रा के दौरान उसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई। उसके परिवार का कहना है कि संभवत: इसी स्थिति के कारण दुर्घटना हुई।
शिवम के पिता ने यह भी कहा कि दुर्घटना से पहले कार में तकनीकी खराबी आ गई थी।
भाषा सं आनन्द सिम्मी
सिम्मी

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