बेंगलुरु, 14 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के राजनीतिक सचिव नसीर अहमद को ‘तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त’ कर दिया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अहमद पर दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया है।
पार्टी ने दिवंगत विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते समर्थ शमनूर को चुनावी मैदान में उतारा था।
शिवशंकरप्पा के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।
समर्थ कर्नाटक के खान एवं भूविज्ञान मंत्री एस. एस. मल्लिकार्जुन के बेटे हैं।
यहां 13 अप्रैल को जारी एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘नसीर अहमद को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के पद से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाता है।’’
कांग्रेस के एमएलसी अब्दुल जब्बार ने तीन दिन पहले कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
सिद्धरमैया ने मंगलवार को आवास, अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान को अपने आवास पर तलब किया।
खान ने यहां पत्रकारों को बताया, ‘‘मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मुझे आधे घंटे में अपने आवास पर आने के लिए कहा है। मैं अब वहीं जा रहा हूं।’’
इन मुस्लिम नेताओं पर समर्थ शमनूर के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया था। समर्थ के नाम की घोषणा होते ही सत्ताधारी कांग्रेस में हलचल मच गई थी।
कांग्रेस के बागी उम्मीदवार सादिक पहलवान ने दावणगेरे दक्षिण से नामांकन पत्र दाखिल किया था, लेकिन सिद्धरमैया के समझाने पर उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया।
हालांकि, कांग्रेस में असहमति जारी रही और अधिकतर मुस्लिम नेताओं ने चुनाव प्रचार से परहेज किया।
दावणगेरे दक्षिण में मुस्लिम आबादी काफी अधिक है और मुस्लिम नेता अपने समुदाय से एक उम्मीदवार चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने समर्थ शमनूर को प्राथमिकता दी।
भाषा यासिर वैभव
वैभव