कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के दिल्ली दौरे से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हुईं
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के दिल्ली दौरे से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हुईं
(फाइल फोटो के साथ)
बेंगलुरु, 15 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बुधवार के दिल्ली दौरे से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वह कांग्रेस आलाकमान के साथ अपने मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित विस्तार पर चर्चा कर सकते हैं।
उनकी यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मंत्रिमंडल में शामिल होने के इच्छुक नेता जोर-शोर से लामबंदी कर रहे हैं।
मीडिया को साझा किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, शिवकुमार बुधवार शाम राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।
शिवकुमार रात में दिल्ली में ही ठहर सकते हैं, जबकि उनकी वापसी फिलहाल निर्धारित नहीं है।
हालांकि, उनके दौरे की योजना में कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक का कोई उल्लेख नहीं है, लेकिन पार्टी सूत्रों का मानना है कि वह नेतृत्व से बातचीत करेंगे।
शिवकुमार ने सोमवार को कहा था कि जब कांग्रेस आलाकमान उन्हें मिलने का समय देगा, तब वह दिल्ली जाएंगे। इससे यह भी संकेत मिलता है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उनकी तरफ से कोई देरी नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा था, ‘‘जब भी वे (पार्टी के शीर्ष नेता) मुझे समय देंगे, मैं जाऊंगा। वे मुझे अगले तीन या चार दिन में कोई तारीख देंगे। जैसे ही वह तारीख देंगे, मैं जाकर वापस आ जाऊंगा।’’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोमवार को कहा था कि वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद उनसे बातचीत की जायेगी और उसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार शीघ्र किया जाएगा।
दिल्ली रवाना होने से पहले, शिवकुमार ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात की।
सिद्धरमैया के बेटे एवं मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने मैसुरु में पत्रकारों से कहा , ‘‘हम इसे (मंत्रिमंडल विस्तार को) जल्द से जल्द करना चाहते हैं। राज्यसभा और विधानपरिषद के चुनावों के कारण इसमें देरी हुई। आलाकमान दिल्ली में है और उसने राज्य के नेताओं को बुलाया है। बातचीत के बाद जल्द ही कैबिनेट का विस्तार होगा। मेरे पिता और मुख्यमंत्री (दिल्ली) जा रहे हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार के मानदंडों के बारे में पूछे जाने पर यतींद्र ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता है। आपको इस बारे में मुख्यमंत्री, सिद्धरमैया और आलाकमान से पूछना चाहिए।’’
शिवकुमार ने तीन जून को मुख्यमंत्री पद और 13 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले 28 मई को सिद्धरमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम मंत्रियों की संख्या 34 हो सकती है। अभी की स्थिति के अनुसार 20 मंत्री बनाए जा सकते हैं। शिवकुमार पर मंत्रिमंडल का विस्तार करने का दबाव बढ़ रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मंत्री बनने के लिए कई दावेदार हैं और पद सीमित हैं ऐसे में शिवकुमार के लिए यह स्थिति काफी मुश्किल भरी है।
शिवकुमार को जाति और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और संतुलन बनाए रखने की भी जरूरत होगी।
राज्य में सूखे के हालात के बीच मंत्रिमंडल विस्तार में ‘देरी’ को लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार सरकार पर निशाना साध रही है और उसने सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर अंदरुनी कलह का आरोप लगाया है।
भाषा राजकुमार खारी
खारी

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