तमिलनाडु को कावेरी जल छोड़ने के निर्देश के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा कर्नाटक

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तमिलनाडु को कावेरी जल छोड़ने के निर्देश के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा कर्नाटक

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 06:38 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 06:38 PM IST

नयी दिल्ली/बेंगलुरु, 11 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के अतिरिक्त मुख्य सचिव गौरव गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) द्वारा तमिलनाडु को 15 दिनों तक प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक कावेरी जल छोड़ने की सिफारिश को बरकरार रखे जाने के बाद राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय का रुख करने सहित सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।

सीडब्ल्यूएमए की बैठक में शामिल हुए गुप्ता ने कहा कि कर्नाटक को उम्मीद है कि इस आदेश के खिलाफ उसकी अपील पर उच्चतम न्यायालय में 13 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कावेरी से संबंधित लंबित मामले के साथ विचार किया जाएगा।

गुप्ता ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, “सीडब्ल्यूएमए ने कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरए) के निर्णय को बरकरार रखा है। समिति ने निर्णय दिया कि कर्नाटक को 15 दिनों तक प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ना होगा और इस पानी की मात्रा का आकलन बिलिगुंडलु मापन केंद्र पर किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि राज्य इस आदेश के विभिन्न पहलुओं की व्यापक समीक्षा करने के बाद अपनी कानूनी रणनीति तय करेगा।

उन्होंने कहा, “इस मुद्दे के कई आयाम हैं और समस्या के कई पहलू हैं। हम इन सभी का समग्र रूप से परीक्षण करेंगे और उसके बाद हमारे लिए उपलब्ध कानूनी उपायों, कानूनी दृष्टि से उठाए जा सकने वाले कदमों तथा राज्य के लिए न्याय सुनिश्चित करने के तरीकों पर उचित निर्णय लेंगे।”

यह पूछे जाने पर कि क्या सीडब्ल्यूएमए ने कर्नाटक के साथ अन्याय किया है, गुप्ता ने कहा कि स्थिति “लगातार बदल रही” है और आगे जल प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उन्होंने कहा, “इस समय स्थिति लगातार बदल रही है। पहली नजर में हमें लगा था कि हमारे साथ अन्याय हुआ है, लेकिन बाद में कावेरी बेसिन में अधिक वर्षा होने के कारण हम स्थिति को संभाल सके।”

गुप्ता ने कहा कि कर्नाटक ने सीडब्ल्यूएमए के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा है और आवश्यकता पड़ने पर राज्य इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाएगा।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश