नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यातकों, निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी), बैंकों और अन्य संबंधित पक्षों को भूटान स्थित दो कंपनियों लेगोय पावरस्पोर्ट्स और ड्रुक ए-जेड स्टोर के साथ कारोबार करते समय ‘अधिक सतर्कता’ बरतने की सलाह दी है। मंत्रालय ने यह कदम संभावित व्यापार से जुड़े जोखिमों को देखते हुए उठाया है।
मंत्रालय ने सभी निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी), ईसीजीसी और विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के क्षेत्रीय अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा कि भूटान की इन दोनों कंपनियों के खिलाफ शिकायत मिली है।
डीजीएफटी ने विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 के अध्याय-8 (गुणवत्ता संबंधी शिकायतें और व्यापार विवाद) के प्रावधानों के तहत इन कंपनियों के खिलाफ यह सलाह जारी की है।
प्रावधानों के अनुसार, यदि भारतीय दूतावास किसी विदेशी संस्था की गतिविधियों में गलत मंशा पाते हैं तो वे इसकी जानकारी डीजीएफटी को भेज सकते हैं, ताकि इसे निर्यात संवर्धन परिषदों, ईसीजीसी और अन्य नियामक संस्थाओं के बीच साझा किया जा सके।
डीजीएफटी ने व्यापार नोटिस में कहा कि इन कंपनियों से जुड़े मामले को शिकायत में उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए विदेश व्यापार नीति के प्रावधानों के तहत उचित राजनयिक और प्रशासनिक माध्यमों से उठाया गया था।
हालांकि, बार-बार प्रयास और संपर्क किए जाने के बावजूद संबंधित कंपनियों या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। डीजीएफटी ने कहा कि सहयोग और बातचीत के अभाव के कारण मामले के तथ्यों की पुष्टि करने और आपसी सहमति से समाधान निकालने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
डीजीएफटी ने कहा, ‘‘उपलब्ध जानकारी और भारतीय निर्यातकों तथा व्यापार से जुड़े पक्षों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी ईपीसी, क्षेत्रीय प्राधिकरणों, ईसीजीसी, अधिकृत डीलर बैंकों और अन्य संबंधित पक्षों को इन संस्थाओं के साथ कारोबार करते समय अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।’’
मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों को इन कंपनियों के साथ किसी भी व्यावसायिक समझौते या लेनदेन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। साथ ही निर्यातकों, आयातकों और अन्य व्यापारिक प्रतिभागियों को इन कंपनियों से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में जागरूक करने की सलाह दी गई है।
डीजीएफटी ने कहा कि इन कंपनियों से जुड़े किसी भी प्रस्तावित लेनदेन के जोखिम का सावधानीपूर्वक आकलन किया जाए और ऋण या वित्तीय सहायता देने, व्यापार सुविधा सेवाएं उपलब्ध कराने या प्रमाणपत्र और सिफारिश जारी करने के समय इस जानकारी को ध्यान में रखा जाए।
नोटिस में कहा गया, ‘‘इन संस्थाओं से संबंधित किसी भी प्रतिकूल अनुभव, भुगतान संबंधी समस्या, अनुबंध विवाद या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी की तुरंत डीजीएफटी को सूचना दी जाए, ताकि आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।’’
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह सलाह मौजूदा उपलब्ध जानकारी के आधार पर केवल एहतियाती कदम के रूप में जारी की गई है और इसका उद्देश्य व्यापार समुदाय को इन दोनों कंपनियों के साथ लेनदेन में संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क करना है।
भाषा रमण अजय
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