बेंगलुरु, तीन मार्च (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मंगलवार को कहा कि राज्य अपने मुख्यमंत्री से संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मामलों पर आवेग में टिप्पणी करने की जरा भी उम्मीद नहीं करता, बल्कि परिपक्वता की अपेक्षा रखता है।
अशोक की ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा हाल में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के बारे में की गई पोस्ट के जवाब में आईं।
मुख्यमंत्री ने पोस्ट में कहा था, ‘‘शांति की बात करते हुए उसने (अमेरिका ने) युद्ध का रास्ता चुना है।’’ मुख्यमंत्री ने इस विरोधाभास की ‘‘कड़ी निंदा’’ की और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शोक व्यक्त किया।
अशोक ने ‘एक्स’ पर कहा, “कर्नाटक अपने मुख्यमंत्री से परिपक्वता की अपेक्षा रखता है और इस तरह संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मामलों पर आवेगपूर्ण टिप्पणियों की जरा भी उम्मीद नहीं करता।”
उन्होंने कहा, “भारत की विदेश नीति नयी दिल्ली में गहरी रणनीति और राष्ट्रीय हित को महत्वपूर्ण सिद्धांत मानकर निर्धारित की जाती है। इसे घरेलू वोट बैंक की मजबूरियों या चुनावी जोड़तोड़ से तैयार नहीं किया जाता।’’
उनके अनुसार, वैश्विक तनाव बढ़ने पर जिम्मेदार नेता संयम बरतते हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने अतीत की घटनाओं, विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए कहा कि सिद्धरमैया की टिप्पणियों ने ‘‘हमारे राज्य के लिए अनावश्यक विवाद और शर्मिंदगी पैदा की, यहां तक कि शत्रुतापूर्ण विदेशी मीडिया में भी इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘और अब एक बार फिर दूरदर्शिता दिखाने के बजाय हम तुष्टीकरण की राजनीति पर आधारित जल्दबाजी वाली प्रतिक्रियाएं देख रहे हैं।’’
अशोक ने कहा कि विदेश नीति वैचारिक प्रदर्शन का मंच नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत की संप्रभुता की रक्षा करने, रणनीतिक संतुलन बनाए रखने और वैश्विक स्तर पर हमारी स्थिति को मजबूत करने के संबंध में है।’’
अशोक ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि उनके शब्दों का महत्व होता है। विपक्ष के नेता ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री ‘‘दलगत राजनीति के जोड़-तोड़ से ऊपर उठें’’ और अपने पद की गरिमा को बनाए रखें।
भाषा यासिर वैभव
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