कर्नाटक सरकार कांग्रेस एवं भाजपा के शासनकाल में पाठ्यपुस्तकों में संशोधनों को जनता के सामने रखेगी

कर्नाटक सरकार कांग्रेस एवं भाजपा के शासनकाल में पाठ्यपुस्तकों में संशोधनों को जनता के सामने रखेगी

कर्नाटक सरकार कांग्रेस एवं भाजपा के शासनकाल में पाठ्यपुस्तकों में संशोधनों को जनता के सामने रखेगी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: June 7, 2022 8:42 pm IST

बेंगलुरु, सात जून (भाषा) कर्नाटक के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने मूल पाठ्यपुस्तकों की मूल सामग्री तथा पिछली कांग्रेस एवं वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा उसमें किये गये संशोधनों को जनता के सामने रखने का फैसला किया है।

यह कदम पाठ्पुस्तकों में संशोधनों पर उत्पन्न विवाद के बीच उठाया जा रहा है। समाज का एक वर्ग इन बदलावों पर एतराज जता रहा है।

नागेश ने यह दोहराया भी कि यदि नयी संशोधित पुस्तक में कोई आपत्तिजनक सामग्री होगी तो लोगों की सामूहिक राय को ध्यान में रखकर उसमें भी संशोधन के लिए सरकार तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम मुदामबादिथाया के नेतृत्व वाली समिति द्वारा तैयार की गयी मूल पाठ्यपुस्तकों की सामग्री तथा सिद्धरमैया के कार्यकाल (उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान) में उनमें से क्या हटाये गये एवं क्या जोड़े गये तथा हमारे(भाजपा) कार्यकाल में क्या जोड़े गये हैं, सभी को लोगों के सामने रखेंगे। ’’

उन्होंने यहां मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि लोकतंत्र में जनता ही राजा है और यदि वह महसूस करती है कि संशोधित पाठ्यपुस्तकों में गलतियां हैं तो सरकार उसमें और समीक्षा करने को तैयार है, तथा यह बात मुख्यमंत्री पहले ही बोल चुके हैं।

यह विवाद तब उठा था जब कुछ संगठनों ने 10वीं की कन्नड़ के पाठ्यपुस्तक में भगत सिंह पर आधारित अध्याय के स्थान पर आरएसएस संस्थापक केशल बलिराम हेडगेवार का भाषण कथित रूप से रखने पर ऐतराज किया था।

बाद में नारायण गुरू एवं कई अहम हस्तियों एवं उनकी साहित्यिक कृतियों पर अध्यायों को हटाये जाने का आरोप लगाया गया था। विपक्षी दल कांग्रेस एवं कुछ लेखकों ने पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति के प्रमुख रोहित चक्रतीर्थ को पाठ्यपुस्तकों का कथित ‘भगवाकरण करने’ को लेकर बर्खास्त करने की मांग की है।

नागेश ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कोई आपत्तिजनक सामग्री या गलतियां मिलने पर पाठ्यपुस्तकों में और संशोधन करने की मुख्यमंत्री ने जो इच्छा प्रकट की है, उससे विवाद पर विराम लगेगा, लेकिन विपक्ष मुद्दे का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहा है।

भाषा राजकुमार दिलीप

दिलीप


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