बेंगलुरु, 29 मई (भाषा) कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का इस्तीफा शुक्रवार को स्वीकार कर लिया।
सिद्धरमैया ने लोक भवन में राज्यपाल की अनुपस्थिति में उनके विशेष सचिव को बृहस्पतिवार को अपना इस्तीफा सौंपा था।
राज्यपाल ने अधिसूचना में कहा, ‘‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत मुझे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, थावरचंद गहलोत, कर्नाटक का राज्यपाल, राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का त्यागपत्र स्वीकार करता हूं और उनके नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग करता हूं।’’
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सिद्धरमैया मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालते रहेंगे।
सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार कांग्रेस आलाकमान से मिलने और सत्ता हस्तांतरण एवं नए मंत्रिमंडल के गठन पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में हैं। शिवकुमार के सिद्धरमैया के उत्तराधिकारी बनने की प्रबल संभावना है।
सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को अपने आवास पर जलपान के दौरान हुई बैठक में मंत्रिमंडल के सहयोगियों को पद छोड़ने के अपने फैसले से अवगत कराया था।
बैठक में उपस्थित कई मंत्रियों ने कहा था कि सिद्धरमैया ने मंत्रिमंडल सहयोगियों को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले के बारे में बता दिया है और कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के अनुसार डी.के. शिवकुमार उनके उत्तराधिकारी होंगे।
कांग्रेस आला कमान ने सिद्धरमैया को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए पद छोड़ने को कहा था जिसके बाद उनका यह कदम सामने आया है। आला कमान ने उन्हें राज्यसभा की सीट के साथ पार्टी में केंद्रीय भूमिका की पेशकश की लेकिन उसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरमैया ने पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी से सीधे संदेश मिलने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया।
पार्टी ने मंगलवार को सिद्धरमैया और शिवकुमार को दिल्ली बुलाया था, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ लगातार बैठकें हुईं।
भाषा सुरभि सिम्मी
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