चंडीगढ़, 23 जुलाई (भाषा) ‘नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन’ (नापा) ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों और संबंधित पक्षों से छात्रों के शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं रखने के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया। साथ ही, संगठन ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि छात्रों की वास्तविक शैक्षणिक मांगों को असामाजिक तत्वों द्वारा गलत दिशा में न मोड़ा जा सके।
‘नापा’ के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने यहां जारी एक बयान में कहा कि सार्थक शैक्षणिक सुधारों की मांग करने वाले छात्र समर्थन के हकदार हैं, क्योंकि ऐसे बदलावों से भविष्य की पीढ़ियों के लिए अवसर बेहतर होंगे।
उन्होंने कहा कि अव्यवस्था पैदा करने और वैध शैक्षणिक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने वाली देश विरोधी ताकतों को शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनों पर हावी होने या उन्हें बाधित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
चहल ने सोशल मीडिया पर बढ़ते ध्रुवीकरण और शत्रुता की भावना पर चिंता जताते हुए सवाल किया कि क्या देश के भीतर और बाहर रह रहे और अपना हित साधने वाले तत्व, छात्रों की असंतुष्टि का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘नापा’ ने हमेशा कड़ी मेहनत, समान अवसर जैसे मूल्यों का समर्थन किया है तथा इन सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
चहल ने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे, कानून के शासन और संवैधानिक संस्थाओं में भी विश्वास जताया।
उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से ईमानदारी के साथ सार्थक संवाद करने, इस संबंध में जारी चर्चा में किसी भी तरह के बाधक तत्वों या छिपे हुए एजेंडे की पहचान कर उन्हें दूर करने तथा छात्रों को लाभ पहुंचाने वाले सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
भाषा प्रचेता वैभव
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