कर्नाटक: दलितों के बाल काटने से हज्जाम के इनकार के बाद सरकार ने सैलून खोला

Ads

कर्नाटक: दलितों के बाल काटने से हज्जाम के इनकार के बाद सरकार ने सैलून खोला

  •  
  • Publish Date - February 28, 2026 / 12:59 AM IST,
    Updated On - February 28, 2026 / 12:59 AM IST

गडग (कर्नाटक), 27 फरवरी (भाषा) कर्नाटक सरकार ने गडग जिले के शिंगातालुर गांव में उच्च जाति के लोगों द्वारा दलितों के बाल काटने से कथित रूप से इनकार किए जाने के बाद गांव में दलितों के लिए सैलून खोला है। सामाजिक कल्याण विभाग के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

विभाग के सूत्रों ने बताया कि गांव के दलितों को साल के एक विशेष समय के दौरान कई वर्षों से मुंडन सेवाओं से वंचित रखा जा रहा था, जिसके कारण उन्हें बाल कटवाने के लिए पड़ोसी गांवों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता था।

दलित निवासियों की शिकायतों के बाद, अधिकारियों ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप किया और दलितों के लिए सैलून खोला गया।

गांव में यह मान्यता प्रचलित थी कि वीरभद्रेश्वर स्वामी हर साल महानवमी के दौरान हडपाड़ा समुदाय के सदस्यों के घरों में आते हैं और उस समय दलितों के बाल काटना दुर्भाग्य लाता है।

सूत्रों ने कहा, ‘‘इस अंधविश्वास का हवाला देते हुए, कुछ व्यक्तियों ने दलितों को सेवाएं देना बंद कर दिया था।’’

भाषा सिम्मी देवेंद्र

देवेंद्र