holika dahan/ image source: IBC24
Madhya Pradesh Holi 2026 Gift: भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष होलिका दहन को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य शासन ने आदेश जारी कर प्रदेश भर में होलिका दहन के दौरान लकड़ी की जगह गौ काष्ठ (गोबर से बने लकड़ी जैसे लठ्ठे) के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य पेड़ों की कटाई रोकना, प्रदूषण कम करना और गौ-आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना बताया गया है। यह पहली बार है जब राज्य स्तर पर होलिका दहन की सामग्री को लेकर औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
आदेश के अनुसार जिन स्थानों पर गौ काष्ठ से होलिका दहन किया जाएगा, वहां आयोजन समितियों को प्रोत्साहन और पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक होलिका दहन आयोजन का पूर्व पंजीयन अनिवार्य किया गया है। स्थानीय निकायों और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे गौ काष्ठ की उपलब्धता सुनिश्चित करें और जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पारंपरिक लकड़ी के बजाय पर्यावरण-हितैषी विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करें। सरकार का मानना है कि इससे गौशालाओं को आर्थिक लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि होलिका दहन के दिन मैदानी अमला मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेगा। पंजीकृत स्थलों पर ही गौ काष्ठ उपयोग की पुष्टि की जाएगी और उसी आधार पर पुरस्कार व प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों को निगरानी और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण, पशु संवर्धन और सांस्कृतिक परंपरा के संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।