कर्नाटक: भाजपा की महिला पदाधिकारी ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया

कर्नाटक: भाजपा की महिला पदाधिकारी ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया

कर्नाटक: भाजपा की महिला पदाधिकारी ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया
Modified Date: January 7, 2026 / 03:00 pm IST
Published Date: January 7, 2026 3:00 pm IST

हुबली (कर्नाटक), सात जनवरी (भाषा) कर्नाटक में हाल में सरकारी अधिकारियों पर हमले के सिलसिले में गिरफ्तार की गई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक महिला पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनसे दुर्व्यवहार किया था। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।

पुलिस का दावा है कि महिला ने खुद अपने कपड़े उतारे और पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया। महिला के दांत काटने से उन्हें चोटें भी आईं।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

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हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त एन शशिकुमार ने बुधवार को उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया है कि महिला ने खुद न केवल अपने कपड़े उतारे बल्कि दो उप-निरीक्षकों सहित चार पुलिस अधिकारियों के पेट पर दांत भी काट लिया।

सूत्रों के अनुसार, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व अधिकारी पुलिसकर्मियों के साथ उस स्थान पर गए थे, जहां कथित तौर पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों ने उन पर हमला कर दिया।

इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था और महिला मुख्य आरोपी है। पुलिस का दावा है कि जब पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो महिला ने गिरफ्तारी का विरोध किया।

पुलिस की टीम ने महिला को जबरदस्ती पुलिस वाहन में बिठाया।

महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस टीम ने उसके कपड़े उतारे।

इस आरोप का खंडन करते हुए शशिकुमार ने पत्रकारों को घटनाक्रम से अवगत करया।

उन्होंने बताया कि हुबली के केशवापुर के चालुक्य नगर इलाके में जब सरकारी अधिकारी भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे तो लोग उनका प्रतिरोध करने लगे और उन पर हमला कर दिया।

इस संबंध में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए।

इनमें से एक मामले में जांच अधिकारी (आईओ) ने अपराध में शामिल एक महिला को गिरफ्तार करने का फैसला किया।

शशिकुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान जांच अधिकारी ने अत्यंत संयम और सावधानी बरती। उन्होंने लगभग आठ से 10 महिला अधिकारियों और कर्मियों को अपने साथ लिया क्योंकि उन्हें गड़बड़ी होने की पूरी आशंका थी।

अधिकारी ने कहा, ‘‘इसके बावजूद, जब महिला को पुलिस वाहन में ले जाया गया तो उसने खुद अपने कपड़े उतार दिए। मौके पर मौजूद हमारी महिला अधिकारियों और कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद ली और दूसरे वस्त्र का इंतजाम किया।’’

उन्होंने बताया कि पुलिस ने बार-बार महिला से दूसरा वस्त्र पहनने का अनुरोध किया।

शशिकुमार ने कहा, ‘‘इसलिए पुलिस पर लगाया गया आरोप सरासर झूठा है और यह दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया है। मैंने घटनाक्रम की पुष्टि कर ली है।’’

शशिकुमार ने कहा कि उन्होंने पुलिस उपायुक्त से एक से पांच जनवरी तक की घटनाओं के पूरे क्रम की गहन जांच करने को कहा है।

उन्होंने बताया कि महिला के खिलाफ करीब नौ मामले लंबित हैं। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि झड़प में चार महिला पुलिस अधिकारी घायल हो गईं।

शशिकुमार ने कहा, ‘‘दो कर्मी बुरी तरह घायल हो गए क्योंकि महिला ने उनके पेट पर दांत काट लिया था और दो अन्य को भी मामूली चोटें आई हैं। हमारे तीन-चार पुरुष कर्मियों को भी चोटें आई हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पुरुष अधिकारियों और कर्मियों ने कोई शिकायत नहीं दी है, लेकिन महिला अधिकारियों में से दो बुरी तरह घायल हो गई हैं और उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।’’

भाषा सुरभि सुभाष

सुभाष


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