कश्मीर : भ्रामक जानकारी फैलाने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी

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कश्मीर : भ्रामक जानकारी फैलाने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 12:30 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 12:30 PM IST

श्रीनगर, तीन मार्च (भाषा) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के संबंध में अशांति भड़काने और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने के इरादे से मनगढ़ंत तथा भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में मंगलवार को कुछ मीडिया संस्थानों तथा व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने कुछ समाचार चैनल, मीडिया संस्थानों और व्यक्तियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया मंचों पर जानबूझकर झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक अफवाह फैलाने का गंभीर संज्ञान लिया है।

हालांकि, मीडिया संस्थानों और व्यक्तियों के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई।

उन्होंने कहा कि ये तत्व जानबूझकर भ्रामक कहानियां और अपुष्ट सामग्री को प्रसारित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका स्पष्ट उद्देश्य अशांति फैलाना, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना और सामाजिक सद्भाव में व्यवधान डालना है।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस तरह के दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार अभियान शांति, सुरक्षा और राष्ट्र की अखंडता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि श्रीनगर पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कई ‘प्रोफाइल’ की पहचान कर ली गई है और संबंधित व्यक्तियों को साइबर सेल में तलब किया गया है। जांच की जा रही है और इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि फर्जी खबरें, भड़काऊ सामग्री या अपुष्ट जानकारी फैलाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकों और मीडिया संस्थानों को जिम्मेदारी को ध्यान में रखने तथा सांप्रदायिक सद्भाव या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से तथ्यों की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।

पुलिस ने सोमवार को एक सलाह जारी कर सभी मीडिया संस्थानों और समाचार मंचों से रिपोर्टिंग करते समय पूरी जिम्मेदारी और पेशेवर तरीका अपनाने का आग्रह किया था।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा