कविता ने बीआरएस में लौटने की संभावना से इनकार किया
कविता ने बीआरएस में लौटने की संभावना से इनकार किया
हैदराबाद, 10 जुलाई (भाषा) तेलंगाना रक्षणा सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष के. कविता ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में लौटने की संभावना से इनकार कर दिया और उन दावों को खारिज किया कि वह अपने पिता के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली पार्टी में अंततः फिर से शामिल होंगी।
कविता ने हैदराबाद से करीब 275 किलोमीटर दूर कोठागुडेम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं जब तक जीवित हूं, बीआरएस में दोबारा शामिल नहीं होऊंगी। हाथ मिलाने का कोई सवाल ही नहीं है।’’
कविता ने आरोप लगाया कि बीआरएस ने उनकी पार्टी (टीआरएस) के नाम को लेकर निर्वाचन आयोग को 1,000 शिकायतें भेजी हैं। उन्होंने मांग की कि बीआरएस अपने खातों में जमा 1,400 करोड़ रुपये उन ‘शहीदों’ के परिवारों में बांटे जिन्होंने तेलंगाना राज्य के गठन के समर्थन में अपने प्राणों की आहुति दी।
उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘बीआरएस के खातों में 1,400 करोड़ रुपये हैं। क्या यह आपको किसी लेन-देन के तौर पर नहीं मिला? क्या यह भ्रष्टाचार का पैसा नहीं है? क्या यह आंध्र के ठेकेदारों ने नहीं दिया था? भ्रष्टाचार का यह पैसा ‘शहीदों’ के परिवारों में बांटिए। हर परिवार को एक करोड़ रुपये दीजिए।’’
कविता ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी से मांग की कि राज्य के सभी कोयला ब्लॉक सिंगरेनी कोलियरीज को आवंटित किए जाएं और इसके लिए राज्य संचालित खनन कंपनी को नीलामी प्रक्रिया में शामिल होने की जरूरत न पड़े।
कविता ने कहा कि अगर राज्य सरकार सिंगरेनी कर्मियों की समस्याओं का 20 जुलाई से पहले समाधान नहीं करती है तो वह अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगी।
कविता द्वारा बीआरएस पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किए जाने पर पार्टी के विधान परिषद सदस्य दासोजू श्रवण ने कहा कि वह ‘‘चुनावी बॉण्ड सहित पार्टी की हर प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा रही हैं।’’
टीआरएस सूत्रों ने हाल में कहा था कि निर्वाचन आयोग ने कविता के नेतृत्व वाली टीआरएस से कहा है कि वह संक्षिप्त नाम ‘टीआरएस’ को लेकर मिली आपत्तियों के बाद वैकल्पिक नाम चुने।
भाषा सिम्मी सुरभि
सुरभि

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