केरलम मंत्रिमंडल ने शिक्षण पदों की पीसीएस रैंक सूचियों की वैधता छह महीने बढ़ायी

Ads

केरलम मंत्रिमंडल ने शिक्षण पदों की पीसीएस रैंक सूचियों की वैधता छह महीने बढ़ायी

  •  
  • Publish Date - September 2, 2026 / 01:54 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 01:54 PM IST

तिरुवनंतपुरम, दो सितंबर (भाषा) केरलम सरकार ने बुधवार को राज्य के सामान्य शिक्षा विभाग में विभिन्न शिक्षण पदों पर नियुक्ति के लिए राज्य लोक सेवा आयोग (पीसीएस) द्वारा तैयार की गई रैंक सूचियों की वैधता छह महीने बढ़ाने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2026 में समाप्त होने वाली इन रैंक सूचियों की वैधता छह महीने के लिए बढ़ाई जाएगी।

इन रैंक सूचियों में प्राथमिक शिक्षकों से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों (एचएसएसटी) तक विभिन्न शिक्षण पद शामिल हैं।

सतीशन ने कहा कि जनगणना से संबंधित ड्यूटी, बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की ड्यूटी, अंतर-जिला तबादले, प्रक्रियाएं पूरी करने में देरी और कर्मचारियों के पद निर्धारण में देरी समेत विभिन्न कारणों से रिक्त पदों की जानकारी समय पर पीसीएस को नहीं दी जा सकी।

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप रैंक सूचियों में शामिल उम्मीदवार नियुक्ति के कई महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित हो रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति के अधिक अवसर सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिमंडल ने 18 रैंक सूचियों की वैधता छह महीने बढ़ाने का फैसला किया है।

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने पलक्कड, मंजेरी और त्रिशूर न्यायिक जिलों में स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए तीन विशेष अदालतें स्थापित करने को मंजूरी दी।

सतीशन ने कहा कि राज्य में एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और सरकार मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करने के प्रयास कर रही है। ‘‘इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।’’

सरकार ने तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम में पहले से काम कर रही विशेष एनडीपीएस अदालतों में स्थायी पदों की संख्या भी आठ से बढ़ाकर 11-11 करने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तीनों नयी विशेष अदालतों में भी 11-11 स्थायी पद होंगे।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा