केरल के मुख्यमंत्री ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर जताई चिंता

केरल के मुख्यमंत्री ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर जताई चिंता

केरल के मुख्यमंत्री ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर जताई चिंता
Modified Date: April 15, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: April 15, 2026 6:57 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 15 अप्रैल (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि इससे देश के संघीय ढांचे के कमजोर होने की आशंका है और केरल जैसे राज्यों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

एक बयान में विजयन ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर संसद सत्र में पेश किया जाने वाला प्रस्तावित विधेयक राज्यों के अधिकारों और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व के सिद्धांत को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा।

उन्होंने कहा कि यह भी चिंताजनक है कि केंद्र सरकार इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर राज्यों के साथ सहमति बनाए बिना आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, व्यापक आशंका है कि यह कदम जनसंख्या के आधार पर उत्तरी राज्यों के राजनीतिक वर्चस्व को लोकसभा में अधिक सीट में बदलने की कोशिश है

उन्होंने कहा, “केरल जैसे राज्य इससे सीधे प्रभावित होंगे। जो राज्य जनसंख्या नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तीकरण में आगे बढ़े हैं और जिन्होंने जिम्मेदारी से काम किया है उन्हें भेदभावपूर्ण तरीके से प्रभावित किया जा रहा है। कम प्रतिनिधित्व और घटती हिस्सेदारी को किसी भी तरह न्यायसंगत संघीय व्यवस्था नहीं माना जा सकता।”

विजयन ने यह भी कहा कि महिलाओं के आरक्षण जैसे सामाजिक न्याय के मुद्दों को इसके लिए आड़ बनाना संकीर्ण राजनीतिक हितों से प्रेरित है।

उन्होंने कहा, “महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर राज्यों के बीच निष्पक्षता और समानता से समझौता करना लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र केवल संख्यात्मक बहुमत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय और संतुलित प्रतिनिधित्व पर आधारित होना चाहिए।

भाषा खारी नरेश

नरेश


लेखक के बारे में