केरल के मुख्यमंत्री को शबरिमला में सोने की चोरी मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए: राजीव चंद्रशेखर

केरल के मुख्यमंत्री को शबरिमला में सोने की चोरी मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए: राजीव चंद्रशेखर

केरल के मुख्यमंत्री को शबरिमला में सोने की चोरी मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए: राजीव चंद्रशेखर
Modified Date: February 19, 2026 / 07:29 pm IST
Published Date: February 19, 2026 7:29 pm IST

तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को कहा कि शबरिमला से सोने की कथित तौर पर चोरी की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को करनी चाहिए क्योंकि यह एक बड़ा अपराध है और विशेष जांच दल (एसआईटी) अब तक इस मामले में कुछ भी करने में असमर्थ रही है।

चंद्रशेखर ने कहा कि उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया था लेकिन मार्क्सवादी नेता ने ऐसा नहीं किया।

भाजपा नेता ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “मैं मुख्यमंत्री से एक बार फिर विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि वह इस मामले की सीबीआई जांच कराएं ताकि दोषियों को सजा दी जा सके।”

चंद्रशेखर ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री वास्तव में यह पता लगाना चाहते हैं कि भगवान अयप्पा मंदिर से सोने की कथित तौर पर चोरी के पीछे कौन था, तो उन्हें सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सरकार मंदिर से सोने की चोरी के पीछे के लोगों का पता नहीं लगा पाई। एसआईटी को भी कुछ नहीं मिला। यह केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों से जुड़ा एक बड़ा अपराध है। सीबीआई ही इसकी जांच करने के लिए सबसे सक्षम एजेंसी है।”

भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि सतर्कता न्यायालय ने बुधवार को शबरिमला के मुख्य पुजारी कंदारारु राजीव को जमानत देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।

चंद्रशेखर ने कहा, “इसलिए, सोने की चोरी के दोषियों को ढूंढना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है।”

चंद्रशेखर ने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के दूसरे भाग की आलोचना करने के लिए विजयन पर निशाना साधा और उन पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की ‘अलग-अलग व्याख्या’ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने 2023 में मलप्पुरम में आयोजित फलस्तीन समर्थित एक कार्यक्रम में हमास नेता की ऑनलाइन भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा, “जब हमास यहां आकर अपने भाषणों से हमारे युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश करता है, तो मुख्यमंत्री इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहते हैं।”

भाजपा नेता ने कहा, “लेकिन अगर कोई ‘लव जिहाद’ पर फिल्म बनाता है, तो फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 19 कहां जाता है? मुझे मुख्यमंत्री के बारे में कुछ समझ नहीं आ रहा है। यह सब उनकी अलग-अलग व्याख्या है। अगर मुख्यमंत्री को फिल्म पसंद नहीं है, तो इसे न देखें। जो देखना चाहते हैं, वे देख सकते हैं।”

चंद्रशेखर ने दावा किया कि जब उन्होंने हमास के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें सांप्रदायिक कहा गया।

उन्होंने जोर देकर कहा, “क्या फिल्म के खिलाफ बोलने के लिए मुझे मुख्यमंत्री को सांप्रदायिक कहना चाहिए? यह उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है। अगर आप राजनीति करना चाहते हैं, तो वह कुछ सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। अगर हमास को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, तो ‘केरल स्टोरी’ फिल्म के निर्माताओं को भी होनी चाहिए। भाजपा ऐसे दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं करेगी।”

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


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