केरलम: कांग्रेस विधायक ने अपने पूर्ववर्ती को पुल परियोजना का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया

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केरलम: कांग्रेस विधायक ने अपने पूर्ववर्ती को पुल परियोजना का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 11:24 AM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 11:24 AM IST

कोट्टयम (केरलम), 19 सितंबर (भाषा) राजनीतिक शिष्टाचार की एक दुर्लभ मिसाल पेश करते हुए पूजर से कांग्रेस विधायक सेबेस्टियन एम.जे. ने खुद पीछे हटते हुए अपने पूर्ववर्ती सेबेस्टियन कुलाथुंकल को उस पुल परियोजना का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया, जिसे उनके कार्यकाल में मंजूरी मिली थी।

यहां एरुमेली-अमाकुन्नु पुल को तब मंजूरी मिली थी जब केरल कांग्रेस (एम) के नेता कुलाथुंकल विधानसभा में पूजर का प्रतिनिधित्व करते थे। इसके निर्माण के लिए उनके विधायक संपत्ति कोष से 80 लाख रुपये आवंटित किए गए थे।

वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का हिस्सा रहे कुलाथुंकल को हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सेबेस्टियन एम.जे. ने हराया था।

कुलाथुंकल 2021 से 2026 तक पूजर से विधायक थे।

स्थानीय निकाय प्रतिनिधि ने बताया कि पुल के उद्घाटन की तैयारियों के दौरान मौजूदा विधायक ने सुझाव दिया कि इसका उद्घाटन कुलाथुंगल को करना चाहिए।

मौजूदा विधायक के सुझाव के बाद पूर्व विधायक को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।

शुक्रवार को उद्घाटन समारोह में सेबेस्टियन एम.जे. ने कहा कि यह पुल इलाके के लोगों के सपने के पूरा होने का प्रतीक है। विधायक बनने के बाद इस क्षेत्र में यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था।

सेबेस्टियन ने कहा, ‘‘यह एक सार्वजनिक परियोजना है। हालांकि इसका पूरा श्रेय और जिम्मेदारी पूर्व विधायक को जाती है क्योंकि अगर उन्होंने इतनी राशि आवंटित नहीं की होती तो इसका उद्घाटन संभव नहीं हो पाता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि इसका पूरा श्रेय उन्हें जाता है, इसलिए मैं शब्दों और भावना दोनों के लिहाज से कहना चाहूंगा कि असल में उन्होंने ही इसका उद्घाटन किया है।’’

सेबेस्टियन ने कहा कि उन्होंने पुल का उद्घाटन करने के लिए कुलाथुंकल को आमंत्रित करने का सुझाव दिया था और कहा कि पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष या वे लोग जो परियोजना मंजूर होने के समय पद पर थे, वे भी संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे मेरा कोई अपमान या अनादर नहीं होता। यह पूरी तरह से गलतफहमी है। ऐसा विचार मेरे मन में कभी नहीं आया। अगर उन्होंने कोष दिया है तो हमें उनका सम्मान करना चाहिए। राजनीति यही तो है-राजनीति समाज का विकास है।’’

सेबेस्टियन ने कहा, ‘‘उन्होंने (कुलाथुंकल) अपना कर्तव्य बखूबी निभाया। उसके बाद, मुझे भी अपना कर्तव्य गरिमा के साथ निभाना चाहिए।’’

बाद में कुलाथुंकल ने औपचारिक रूप से पुल का उद्घाटन किया।

एक और अनोखी बात यह थी कि आधारशिला पर विधायक का नाम नहीं लिखा गया था।

मौजूदा विधायक और उनके पूर्ववर्ती ने उद्घाटन समारोह में संयुक्त रूप से रिबन काटा।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन