केरलः अदालत ने व्यक्ति की पीटकर हत्या करने के मामले में पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई

केरलः अदालत ने व्यक्ति की पीटकर हत्या करने के मामले में पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई

केरलः अदालत ने व्यक्ति की पीटकर हत्या करने के मामले में पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई
Modified Date: February 20, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: February 20, 2026 4:54 pm IST

मलप्पुरम (केरल), 20 फरवरी (भाषा) स्थानीय अदालत ने मनकाडा में वर्ष 2016 में ‘नैतिक पुलिसिंग’ की घटना में व्यक्ति की पीटकर हत्या करने के मामले में शुक्रवार को पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक पी. जी. मैथ्यू ने अदालत परिसर के बाहर संवाददाताओं को बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम तुषार एम. ने अब्दुल नजर, शराफुद्दीन, सुहैल, अब्दुल गफूरा और सक्कीर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि भीड़ द्वारा पीटकर हत्या की ऐसी घटनाओं को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।

अदालत ने दोषियों पर 85,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और कहा कि यदि यह राशि वसूल की जाती है तो इसे मृतक के वैध वारिसों को दिया जाए।

अदालत ने 17 फरवरी को पांचों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 143 (गैरकानूनी जमावड़ा), 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार से दंगा), 449 (गृह में घुसपैठ) और 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया था।

इसके अलावा, सुहैल और सक्कीर हुसैन को आईपीसी की धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करना) के तहत भी दोषी करार दिया गया था।

विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, पीड़ित नासिर हुसैन अपनी महिला मित्र की सहमति से उसके घर गया था, लेकिन आरोपी जबरन उसके घर में घुसे और लाठी-डंडों से बेरहमी से उसे पीटा जिससे उसकी मौत हो गई।

अभियोजक ने बताया कि आरोपियों ने किसी को उसे (पीड़ित को) पानी तक नहीं देने दिया और अस्पताल ले जाने से भी रोका।

उन्होंने कहा, “अदालत का मानना है कि यह कृत्य उसे मारने के इरादे से किया गया था।”

विशेष लोक अभियोजक ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसलों के आधार पर अदालत का मानना है कि ऐसी घटना को ‘आतंकवाद’ के कृत्य के रूप में भी देखा जाना चाहिए।

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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