तिरुवनंतपुरम, 11 जून (भाषा) तिरुवनंतपुरम नगर निकाय कार्यालय के बाहर बृहस्पतिवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पार्षद के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया।
इस पार्षद को केरल असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (केएएपीए) के तहत एहतियाती हिरासत में रखा गया है। उसे हाल ही में राज्य की राजधानी में नाटकीय घटनाक्रम के बाद गिरफ़्तार किया गया था।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे माकपा पार्षद एस. पी. दीपक ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद सुगाथन पिछले छह से सात वर्षों से कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
दीपक ने आरोप लगाया, “वह पार्षद बनने से पहले और बाद में भी, कई आपराधिक मामलों में आरोपी रहा है।” उन्होंने भाजपा नेता को “गुंडा” बताया।
दीपक ने यह भी आरोप लगाया कि सुगाथन गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले दो महीनों से परिषद की बैठकों से अनुपस्थित हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वाझोट्टुकोनाम वार्ड के निवासियों की कई समस्याएं अनसुलझी पड़ी हैं क्योंकि पार्षद छिपे हुए हैं।
दीपक ने कहा कि यदि कोई पार्षद लगातार तीसरी बार परिषद की बैठक में अनुपस्थित रहता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
सुगाथन को मंगलवार देर रात उनके आवास से गिरफ्तार किया गया, जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और आगे किसी हिंसा को रोकने के लिए हवा में गोलियां चलाईं।
यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब केरल उच्च न्यायालय ने उन्हें मंदिर उत्सव से जुड़े कथित हमले के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
भाषा तान्या मनीषा
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