मुंबई, 11 जून (भाषा) उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स जहां 151 अंक टूट गया, वहीं एनएसई निफ्टी 53 अंक फिसल गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के साथ निवेशकों के सतर्क रुख अपनाये जाने से बाजार में गिरावट आई।
विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी और अमेरिका में महंगाई बढने से भी बाजार में कारोबार सीमित दायरे में रहा।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 150.63 अंक यानी 0.20 प्रतिशत टूटकर 73,832.55 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 74,394.34 अंक के उच्चतम स्तर तक गया और 73,518.75 अंक के निचले स्तर तक आया। यानी इसमें 875.59 अंक का उतार-चढ़ाव आया।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 53.35 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,161.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 23,327.45 अंक तक गया और नीचे में 23,072.05 अंक तक आया।
सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इटर्नल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और सन फार्मा शामिल हैं।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के़ ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार में एक और बहुत उतार-चढ़ाव वाला सत्र देखा गया। मानक सूचकांक ने शुरुआती नुकसान से उबरते हुए जोरदार सुधार किया, लेकिन कारोबार के दूसरे हिस्से में अपनी बढ़त गंवा दी।’’
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड एक प्रतिशत टूटकर 92.16 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,124.98 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘धीमी शुरुआत के बाद, निफ्टी में पहले सत्र में तेजी से सुधार दिखा। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, यह सुधार पूरी तरह खत्म हो गया। अमेरिका और ईरान से जुड़ी नई घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से निवेशकों का भरोसा कमजोर बना रहा। इससे कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस दबाव के बीच, उम्मीद से अधिक अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी कि ब्याज दर लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती है। इससे वैश्विक शेयर बाजार में गिरावट आई। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोर रुख ने भी धारणा को प्रभावित किया।’’
मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.08 प्रतिशत टूटा जबकि छोटी कंपनियों से जुड़ा स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.20 प्रतिशत नीचे आया।
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से 2,807 शेयरों में गिरावट आई जबकि 1,384 शेयर लाभ में रहे। वहीं 198 के भाव अपरिवर्तित रहे।
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को काफी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका में महंगाई बढ़ने से ब्याज दरों में कटौती में देरी होने की आशंका और वैश्विक वित्तीय स्थिति तंग रहने को लेकर आईटी शेयरों में गिरावट देखी गई।’’
सेंसेक्स बुधवार को 64.42 अंक बढ़कर 73,983.18 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 27.15 अंक फिसलकर 23,214.95 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
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