केरलम : वन्यजीवों के हमलों में मौत, फसल नुकसान के लिए मुआवजा दोगुना करेगी सरकार
केरलम : वन्यजीवों के हमलों में मौत, फसल नुकसान के लिए मुआवजा दोगुना करेगी सरकार
कोझिकोड, 29 सितंबर (भाषा) केरलम के वन मंत्री शिबू बेबी जॉन ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों और फसलों के नुकसान के लिए दिए जाने वाले मुआवजे को दोगुना करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री वी डी सतीशन और कृषि मंत्री के साथ चर्चा के बाद लिया गया। सतीशन के पास वित्त विभाग भी है।
जॉन ने यहां वन एवं कृषि विभागों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित ‘किसान सुरक्षा-मानव-वन्यजीव संघर्ष का समाधान’ विषय पर राज्यस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के अवसर पर यह बात कही।
मंत्री ने कहा कि संशोधित दरों के तहत, बंदर समेत वन्यजीवों द्वारा नष्ट किए गए प्रत्येक नारियल के लिए 15 रुपये और क्षतिग्रस्त कोकोआ के प्रत्येक पौधे के लिए 30 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
केरलम के वन मंत्री ने कहा कि फसल नुकसान के लिए वित्तीय सहायता के वितरण में देरी रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
जॉन ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं माना जाएगा, बल्कि कृषि और राजस्व विभागों के समन्वित प्रयासों से इसका समाधान किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) या पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील भूमि (ईएफएल) से संबंधित उपायों के तहत सरकार मुआवजा दिए बिना जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि ऐसी भूमि का अधिग्रहण उसके मूल मूल्य के आकलन और उचित मुआवजे को सुनिश्चित करने के बाद ही किया जाएगा।
जॉन ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए सरकार तीन स्तरीय रणनीति-नियंत्रण, समाधान और मुआवजा-अपना रही है।
मंत्री ने कहा कि वन क्षेत्रों के निकट रहने वाले किसानों को अतिरिक्त आय उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही होमस्टे और बैकपैकिंग को इको-टूरिज्म से जोड़ने वाली एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार वन्यजीवों से कम प्रभावित होने वाली फसलों की खेती को बेहतर विपणन सुविधाओं के साथ बढ़ावा देगी।
भाषा रवि कांत रवि कांत जोहेब
जोहेब

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