पालक्कड़, 26 जनवरी (भाषा) केरल में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने एक जीएसटी प्रवर्तन अधिकारी को दो वाहनों को छोड़ने के एवज में 3.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान वालायार जीएसटी प्रवर्तन दस्ते में तैनात अधिकारी सुमन पी.एन. के रूप में हुई है, जो पालक्कड़ जिले के कुरुडिक्काड का निवासी है। वीएसीबी अधिकारियों के अनुसार, हाल के मामलों में यह रिश्वत की सबसे बड़ी राशियों में से एक है।
वीएसीबी के मुताबिक, शिकायतकर्ता और उसका एक मित्र मिल कर कबाड़ का कारोबार करते हैं और उन्होंने विभिन्न व्यापारियों से वैध बिलों के साथ कबाड़ एकत्र किया था। छह जनवरी को कबाड़ से लदे दो ट्रकों को पालक्कड़ जिले के कुज़लमन्नम में जीएसटी प्रवर्तन दस्ते ने रोका और बाद में उन्हें जब्त कर लिया।
ट्रक चालकों को मालिक का फोन नंबर देने के बाद छोड़ दिया गया। बाद में सुमन ने शिकायतकर्ता और उसकी कंपनी के अकाउंटेंट को जीएसटी कार्यालय में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने को कहा। दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।
जब शिकायतकर्ता पुन: सुमन से मिला तो अधिकारी ने कथित तौर पर 23 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही। शिकायतकर्ता ने सभी दस्तावेज सही होने का हवाला देते हुए जुर्माना कम करने का अनुरोध किया। इस पर सुमन ने कथित तौर पर कहा कि चार लाख रुपये की रिश्वत देने पर मामला खत्म किया जा सकता है।
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने पालक्कड़ के सतर्कता उप पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया, जिसके बाद जाल बिछाया गया।
वीएसीबी अधिकारियों ने रविवार को कुरुडिक्काड जंक्शन के पास सुमन को शिकायतकर्ता से 3.5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी को सोमवार को कोझिकोड सतर्कता अदालत में पेश किया जाएगा।
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश