OM BIRLA/ image source: ANI X HANDLE
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर में उत्सव और देशभक्ति की भावना देखने को मिली। दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने आवास पर तिरंगा फहराकर इस अवसर को सम्मानित किया और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल झंडा फहराने या परेड देखने का दिन नहीं है, बल्कि यह दिन देश के संविधान को अपनाने और उसके आदर्शों के अनुसार चलने का दिन है। उन्होंने याद दिलाया कि 77 साल पहले भारत ने अपने संविधान को अपनाया, जो दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है और आज भी यह भारतीय जनता के लिए मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
#WATCH | Lok Sabha Speaker Om Birla says, “On the occasion of #RepublicDay, I extend greetings to all citizens of the country. Republic Day is the day of resolve, determination and abiding by the decorum of the Constitution and taking the country forward. 77 years ago, we adopted… https://t.co/tC7ZyqFK8f pic.twitter.com/tLDewmVYcN
— ANI (@ANI) January 26, 2026
ओम बिरला ने इस अवसर पर यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम सभी मिलकर भारत को 2047 तक विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए काम करेंगे, जब देश स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा। उनका कहना था कि संविधान केवल कानून और नियमों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र, समानता, न्याय और स्वतंत्रता के मूल्यों का जीवंत मार्गदर्शन है।
उन्होंने नागरिकों से यह अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और संविधान के आदर्शों का पालन करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए। स्पीकर ने यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हम सभी का कर्तव्य है कि हम देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखें।
लोकसभा स्पीकर ने अपने संदेश में देशवासियों से यह भी आग्रह किया कि वे अपनी सोच और कार्यों में सकारात्मक बदलाव लाएं और समाज में सहयोग और समानता को बढ़ावा दें। उनका मानना है कि प्रत्येक नागरिक का योगदान भारत को विकसित और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर ओम बिर्ला ने विशेष रूप से युवाओं को देशभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए नेतृत्व करना चाहिए और अपने कौशल तथा ज्ञान का उपयोग समाज और देश की भलाई के लिए करना चाहिए।