केरलम उच्च न्यायालय ने बाढ़ राहत में अवैध लाइट वाली एसयूवी के इस्तेमाल को लेकर एमवीडी से नाखुशी जताई
केरलम उच्च न्यायालय ने बाढ़ राहत में अवैध लाइट वाली एसयूवी के इस्तेमाल को लेकर एमवीडी से नाखुशी जताई
कोच्चि, 23 अगस्त (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने इस महीने की शुरुआत में अरनमुला में बाढ़ राहत कार्यों के दौरान अनधिकृत लाइट और अन्य बदलाव वाली ‘मॉडिफाइड’ एसयूवी गाड़ी के इस्तेमाल के खिलाफ कोई असरदार कार्रवाई नहीं होने पर मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) की आलोचना की है।
न्यायमूर्ति अनिल के. नरेंद्रन और न्यायमूर्ति मुरली कृष्णा एस. की खंडपीठ ने सड़क सुरक्षा और गाड़ियों में गैर-कानूनी बदलाव से जुड़े मामलों की सुनवाई की। उन्होंने वाहन और 21 अगस्त को उस पर की गई कार्रवाई के बारे में परिवहन आयुक्त की रिपोर्ट की जांच की।
यह निजी गाड़ी तब अदालत के ध्यान में आई जब अडूर में मोटर वाहन विभाग के दो अधिकारियों को इसलिए निलंबित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने बाढ़ राहत कार्य से लौट रही इस गाड़ी का गैर-कानूनी बदलावों और प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने के कारण चालान काटा था।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि 20 अगस्त, 2026 की परिवहन आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, एमवीडी प्रवर्तन प्रकोष्ठ ने गाड़ी पर सिर्फ 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया था, जबकि उसमें छह अतिरिक्त अवैध लाइट लगी थीं और अदालत के बार-बार निर्देश भी दिए गए थे।
अदालत ने इस बात का संज्ञान लिया कि गाड़ी के खिलाफ 11 मार्च, 2024 को जारी चालान लंबित रहा और उसका इस्तेमाल अनधिकृत लाइट एवं अन्य बदलावों के साथ एक बार फिर सार्वजनिक रूप से किया गया जो सड़क पर अन्य लोगों के लिए गंभीर खतरा है।
अदालत ने एमवीडी प्रवर्तन प्रकोष्ठ और पुलिस को पहले के आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया।
मामले में सात सितंबर को पुन: सुनवाई होगी।
भाषा वैभव देवेंद्र
देवेंद्र

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