केरल उच्च न्यायालय ने महामारी के दौर में शराब की दुकानों पर भीड़ को लेकर राज्य सरकार को फटकारा

केरल उच्च न्यायालय ने महामारी के दौर में शराब की दुकानों पर भीड़ को लेकर राज्य सरकार को फटकारा

केरल उच्च न्यायालय ने महामारी के दौर में शराब की दुकानों पर भीड़ को लेकर राज्य सरकार को फटकारा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:15 pm IST
Published Date: July 8, 2021 11:45 am IST

कोच्चि, आठ जुलाई (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने महामारी के दौर में सरकारी पेय (बीवरेज) निगम की शराब की दुकानों के सामने भीड़-भाड़ होने को लेकर बृहस्पतिवार को राज्य सरकार की खिंचाई की और निगम के प्रबंध निदेशक एवं राज्य के आबकारी आयुक्त को भीड़ को कम करने के लिए उठाये गये कदमों के बारे में एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने आज मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि शराब की दुकानों पर ग्राहकों की लंबी लंबी कतारें तथा सार्वजनिक स्थानों एवं सड़कों पर मद्यपान निश्चित की समाज की प्रतिष्ठा पर ठेस है।

अदालत ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ग्राहकों को पर्याप्त सुविधाएं दी जाएं ताकि उनके सामने किसी अन्य वस्तु की तरह शराब भी सभ्य तरीके से खरीदने का विकल्प हो।

न्यायमूर्ति रामचंद्रन ने कहा कि इस अदालत का प्रयास कोई कमी ढूढना नहीं बल्कि लगातार बनी समस्या का प्रभावी तरीके हल सुनिश्चित करना है जिससे राज्य सालों से जूझ रहा है।

अदालत ने कहा कि महामारी का प्रसार वायुकणों के माध्यम से होता है, ऐसे में लोगों के बीच एक मीटर की दूरी बनाये रखना अनिवार्य है। उसने कहा कि दुकानों के सामने लंबी लंबी लाइनें ऐसे समय में लग रही हैं जब महामारी की संक्रमण दर अभी बढ़ ही रही है। अदालत ने राज्य सरकार को भीड़ कम करने के लिए उठाय गये कदमों के बारे में 13 जुलाई से पहले हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

अदालत दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है जिनमें राज्य सरकार को महामारी के दौर में शराब की दुकानों के बाहर भीड़ कम करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

भाषाा

राजकुमार अनूप

अनूप


लेखक के बारे में