तिरुवनंतपुरम, 28 फरवरी (भाषा) केरल स्थित पलायम के इमाम वी. पी. सुहैब मौलवी द्वारा अट्टुकल पोंगाला उत्सव पर मस्जिदों और मुस्लिमों के घरों को हिंदू श्रद्धालुओं के लिए खोलने की अपील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई तथा कई लोग इसे ही केरल की असली पहचान बता रहे हैं।
इस वर्ष तीन मार्च को अट्टुकल पोंगाला होगा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेती हैं। इसमें विभिन्न आयु वर्ग की लाखों महिलाएं उत्सव में भाग लेने के लिए राजधानी शहर में एकत्रित होती हैं।
मौलवी ने जुमे (शुक्रवार) की नमाज के खुत्बा (उपदेश) के दौरान मुस्लिम समुदाय के सदस्यों से आग्रह किया कि पोंगाला उत्सव के लिए शहर में आने वाले हिंदू श्रद्धालुओं का आतिथ्य सत्कार करें।
उन्होंने कहा कि हालांकि अट्टुकल पोंगाला अलग धर्म से जुड़ा है और मुसलमान इसके अनुष्ठानों में भाग नहीं लेते, फिर भी यह तिरुवनंतपुरम में अतिथि के रूप में आने वाली हजारों महिलाओं और बच्चों के लिए सौहार्दपूर्ण मेजबान के रूप में सेवा करने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल की तरह इस बार भी पोंगाला रमजान के पवित्र महीने में मनाया जा रहा है। हमें पोंगाला के लिए यहां आने वाली अपनी बहनों और उनके बच्चों के साथ रमजान की खुशी, भाईचारे और प्रेम की भावना को साझा करना चाहिए।’’
मौलवी ने कहा, ‘‘उनके (श्रद्धालुओं के) आराम के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। हमारी मस्जिदें और घर उनके लिए खोले जाने चाहिए।’’
मौलवी ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश और दुनिया में इस्लाम के प्रति बढ़ रहे डर और नफरत का प्रभावी ढंग से मुकाबला केवल प्रेम और भाईचारे के माध्यम से ही किया जा सकता है।
विभिन्न धर्मों के लोगों ने मौलवी के इस वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया तथा उनके इस कार्य की सराहना करते हुए इसे केरल की असली पहचान, केरल में विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच सद्भाव तथा भाईचारे का एक उदाहरण बताया।
फिल्म ‘‘केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’’ को लेकर चल रहे विवाद के मद्देनजर उनकी अपील का महत्व बढ़ गया।
भाषा यासिर गोला
गोला