केरल : आईयूएमएल ने पहली बार विधानसभा चुनाव में दो महिला उम्मीदवार उतारे
केरल : आईयूएमएल ने पहली बार विधानसभा चुनाव में दो महिला उम्मीदवार उतारे
(लक्ष्मी गोपालकृष्णन)
कोझिकोड (केरल), 18 मार्च (भाषा) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) नौ अप्रैल को होने वाले केरल विधानसभा चुनाव में पहली बार एक साथ दो महिला उम्मीदवार उतार रही है।
इससे पहले, आईयूएमएल ने 1996 और 2021 के चुनावों में एक-एक महिला को टिकट दिया था।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के एक प्रमुख घटक दल आईयूएमएल ने मंगलवार को 25 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें कई मौजूदा विधायक और कुछ नए चेहरे शामिल हैं।
पार्टी नेतृत्व के अनुसार, यूथ लीग की नेता फातिमा तहिलिया को कोझिकोड जिले के पेरम्बरा से और गैर-मुस्लिम महिला जयंती राजन को कन्नूर जिले के कूथुपरम्बा से मैदान में उतारा गया है।
बहरहाल, पार्टी की महिला इकाई ‘विमेन लीग’ ने उम्मीदवारों के चयन पर असंतोष जताया है।
आईयूएमएल के महासचिव पीएमए सलाम ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन उनके प्रदर्शन, जीत की संभावना और क्षेत्र में उनकी स्वीकार्यता के आधार पर किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सूची में युवाओं और नये चेहरों को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि आईयूएमएल एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, जो सभी वर्गों के लोगों को समान महत्व देती है।
सलाम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘महिला उम्मीदवारों का चयन उनके अब तक के प्रदर्शन, जीतने की संभावना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्वीकार्यता और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर किया गया है।’’
उत्तर केरल के मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रभाव रखने वाली आईयूएमएल ने पहली बार 1996 में खमरुन्निसा अनवर को टिकट दिया था, लेकिन वह चुनाव हार गई थीं। इसके बाद 25 साल बाद 2021 में नूरबीना रशीद को उम्मीदवार बनाया गया और उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा।
फातिमा तहिलिया ने अपनी उम्मीदवारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य में यूडीएफ के पक्ष में माहौल है और पेरम्बरा को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का गढ़ नहीं माना जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सत्ता-विरोधी लहर काफी मजबूत है और पेरम्बरा भी इससे अछूता नहीं है।
एलडीएफ संयोजक टी पी रामकृष्णन के पेरम्बरा से चौथी बार चुनाव लड़ने के बारे में पूछने पर फातिका में कहा कि उन्होंने अभी तक क्या बड़ा विकास किया है।
आईयूएमएल की पूर्व पंचायत सदस्य जयंती राजन ने भी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में वह अब तक अपने राजनीतिक जीवन में कई चुनावों का हिस्सा रही हैं, लेकिन यह पहली बार है कि वह विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं।
राजन ने कहा कि हालांकि वह वायनाड की रहने वाली हैं, लेकिन वह जल्द ही कूथुपरम्बा के आम मतदाताओं में से एक बन सकती हैं और उनका विश्वास जीत सकती हैं।
दूसरी ओर, विमेन लीग की वरिष्ठ नेता नूरबीना रशीद ने उम्मीदवार सूची पर नाराजगी जताते हुए कहा कि महिला इकाई की अनदेखी की गई है।
प्रतिष्ठित राजनीतिक विश्लेषक जी. गोपाकुमार ने आईयूएमएल के दो महिला उम्मीदवार उतारने के फैसले को ‘‘प्रगतिशील कदम’’ बताया और कहा कि पुरुष प्रधान राजनीति के बीच यह बदलाव महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब एक सीट हिंदू समुदाय की महिला को दी गई है।
भाषा गोला सुरेश
सुरेश

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