केरल के मंत्री ने एनटीए को ‘भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का पर्याय’ बताया, प्रधान के इस्तीफे की मांग
केरल के मंत्री ने एनटीए को ‘भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का पर्याय’ बताया, प्रधान के इस्तीफे की मांग
तिरुवनंतपुरम, 25 जून (भाषा) केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एटीए) ‘‘भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का पर्याय’’ बन गई।
जॉन ने फेसबुक पर पोस्ट कर दावा किया कि पिछले एक दशक में 89 प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और 48 बार पुन:परीक्षाएं करानी पड़ी हैं। उन्होंने भारत की परीक्षा प्रणाली की साख को नुकसान पहुंचाने के लिए एनटीए को जिम्मेदार ठहराया।
अन्य परीक्षाओं के अलावा, एनटीए मेडिकल दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) आयोजित करता है, और हाल में हुए प्रश्नपत्र लीक ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
जॉन ने आरोप लगाया, ‘‘एनटीए भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का पर्याय बन चुका है। केंद्र सरकार ने लाखों विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत को परीक्षा माफियाओं के पास गिरवी रख दिया है।’’
कोटा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शनों और सीबीएसई परीक्षाओं में विसंगतियों को लेकर सार्थक नाम के छात्र द्वारा लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए, जॉन ने कहा कि ये घटनाएं किसी तकनीकी गड़बड़ी की ओर नहीं बल्कि परीक्षा बोर्ड के भीतर फैले भ्रष्टाचार और देश की शिक्षा प्रणाली के ढांचागत पतन की ओर इशारा करती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ टेलीग्राम (सोशल मीडिया मंच) को प्रतिबंधित करने से खो चुकी विश्वसनीयता वापस नहीं आएगी।’’
प्रधान पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक कदम यही होगा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें।’’
उन्होंने एनटीए की केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली को भी खत्म करने की मांग की। जॉन ने कहा, ‘‘विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खेलना बंद करें।’’
देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली के कामकाज को लेकर, विशेष रूप से नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद, प्रधान और एनटीए लगातार विपक्षी दलों के निशाने पर है।
भाषा खारी अमित
अमित

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