केरलम: सत्ताधारी यूडीएफ ने स्थानीय निकाय उपचुनावों में अपनी मौजूदा सीटें गंवाई

केरलम: सत्ताधारी यूडीएफ ने स्थानीय निकाय उपचुनावों में अपनी मौजूदा सीटें गंवाई

केरलम: सत्ताधारी यूडीएफ ने स्थानीय निकाय उपचुनावों में अपनी मौजूदा सीटें गंवाई
Modified Date: September 29, 2026 / 09:52 pm IST
Published Date: September 29, 2026 9:52 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 29 सितंबर (भाषा) केरलम में सत्ताधारी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को स्थानीय निकाय उपचुनावों में झटका लगा और उसे अपनी कुछ मौजूदा सीटें गंवानी पड़ीं। यूडीएफ ने 38 वार्ड में हुए उपचुनाव में से 18 पर जीत हासिल की।

ये उपचुनाव वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता संभालने के चार महीने बाद हुए और अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन यूडीएफ के लिए यह पहला चुनावी परीक्षण था।

वर्ष 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में इन 38 वार्ड में यूडीएफ ने 21, एलडीएफ ने 13, राजग ने एक और निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन सीटें जीती थीं।

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के आंकड़ों के अनुसार, यूडीएफ ने 18; माकपा नीत एलडीएफ ने 16 जबकि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने एक सीट जीती वहीं तीन वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए।

एलडीएफ ने नतीजों का स्वागत करते हुए इन्हें बिजली कटौती और प्रायोजित विदेश यात्राएं समेत “जनविरोधी नीतियों” के खिलाफ जनता की ओर से यूडीएफ को “पहला झटका” बताया। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि केरलम की राजनीतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।

केरलम कांग्रेस प्रमुख और बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि नतीजे मिले-जुले हैं। उन्होंने कहा कि यूडीएफ ने एलडीएफ से कुछ सीटें छीनी हैं जबकि वाम मोर्चे ने कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन के पास रही कुछ सीटें जीती हैं।

जोसेफ ने कहा कि अलग-अलग वार्ड में यूडीएफ की हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नतीजों से केरलम की राजनीतिक स्थिति में किसी बदलाव का संकेत नहीं मिलता और दावा किया कि यूडीएफ विजयी रहा है।

माकपा के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये नतीजे उन लोगों के लिए भी जवाब हैं जो विधानसभा चुनाव में हार के बाद मान रहे थे कि वाम मोर्चे का अंत हो गया है।

उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने के चार महीने के भीतर ही लोगों ने यूडीएफ से दूरी बना ली है और माकपा तथा एलडीएफ को स्वीकार कर रहे हैं।

भाकपा के राज्य सचिव बिनय विश्वम ने कहा कि नतीजे जनता की भावना और राज्य की राजनीतिक नब्ज को दर्शाते हैं तथा राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हैं।

एक बयान में उन्होंने कहा कि केरलम की जनता ने यूडीएफ और उसके दावों को खारिज कर दिया है तथा भाजपा को भी पूरी तरह नकार दिया है।

दोनों नेताओं ने कहा कि एलडीएफ अधिक विनम्रता के साथ आगे बढ़ेगा, जनता के विश्वास को बनाए रखेगा और वामपंथी मूल्यों पर कायम रहेगा।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश


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