केरल: सतीशन ने नामांकन पत्र दाखिल किया, माकपा-भाजपा पर चुनावी समझौते का आरोप लगाया

केरल: सतीशन ने नामांकन पत्र दाखिल किया, माकपा-भाजपा पर चुनावी समझौते का आरोप लगाया

केरल: सतीशन ने नामांकन पत्र दाखिल किया, माकपा-भाजपा पर चुनावी समझौते का आरोप लगाया
Modified Date: March 23, 2026 / 06:26 pm IST
Published Date: March 23, 2026 6:26 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 23 मार्च (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. डी. सतीशन ने केरल विधानसभा चुनाव के लिये सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और आरोप लगाया कि राज्य के कई निर्वाचन क्षेत्रों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनावी ‘‘समझौते’’ किए हैं।

नामांकन पत्र दाखिल करने का आखिरी दिन सोमवार था और कई प्रमुख नेताओं ने निर्वाचन आयोग के प्राधिकारियों के समक्ष अपने दस्तावेज जमा किए।

वरिष्ठ नेताओं के साथ सतीशन ने दोपहर के आसपास परवूर में अतिरिक्त तहसीलदार के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

सतीशन ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कहा कि माकपा-भाजपा के बीच कथित ‘‘समझौता’’ केवल पलक्कड़ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों तक भी फैला हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि पथनमथिट्टा में कोन्नी सीट अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सहयोगी बीडीजेएस को दे दी गई है, जबकि यहां से 2021 में भाजपा नेता के. सुरेंद्रन ने चुनाव लड़ा था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजग ने रानी निर्वाचन क्षेत्र में ट्वेंटी20 उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इस क्षेत्र में शबरिमला मंदिर स्थित है।

सतीशन ने आरोप लगाया कि कासरगोड, मंजेश्वर और पलक्कड़ में भी इसी तरह की साठगांठ है, जहां एक-दूसरे की जीत सुनिश्चित करने के लिए समझौता किया गया है।

करुवन्नूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि 2024 में शुरू की गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच लोकसभा चुनाव में भाजपा को त्रिशूर लोकसभा सीट जीतने में मदद करने के लिए किए गए समझौते का हिस्सा थी।

उन्होंने आरोप लगाया, “उसके बाद त्रिशूर पुरम में बाधा डाली गई और भाजपा की जीत सुनिश्चित हो गई। क्या त्रिशूर में भाजपा की जीत के बाद ईडी की ओर से कोई कार्रवाई हुई? यह समझौते का हिस्सा था।’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि एडीजीपी एम. आर. अजित कुमार ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेताओं से बातचीत की थी।

सतीशन ने कहा, “शुरुआत में आरएसएस समेत सभी ने इसका खंडन किया था। बाद में उन्होंने कहा कि ऐसी बैठक में कुछ भी गलत नहीं है। इसलिए इस तरह के समझौते पहले भी हो चुके हैं।’’

हालांकि, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पलटवार करते हुए दावा किया कि केरल और पूरे देश में भाजपा को कांग्रेस ही समर्थन दे रही है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी यह दावा किया कि पलक्कड़ में हार के डर से कांग्रेस झूठे आरोप लगा रही है।

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप


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