अलप्पुझा (केरल), 12 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित नेता बिंदु विनयकुमार ने रविवार को आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी की वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन अलप्पुझा में ‘‘वोट के बदले नकदी’’ प्रकरण में शामिल थीं।
इससे पहले, पलक्कड़ में हाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने सुरेंद्रन पर ऐसे ही आरोप लगाए थे।
इन आरोपों से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद निर्वाचन आयोग और पुलिस ने जांच शुरू की थी।
भाजपा की अलप्पुझा उत्तर जिला इकाई की पूर्व उपाध्यक्ष विनयकुमार ने हाल में पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि ‘‘वोट के बदले नकदी’’ मामले को लेकर सुरेंद्रन ने उन्हें धमकी दी। इन आरोपों के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया।
पत्रकारों से बातचीत में विनयकुमार ने कहा कि वह सुरेंद्रन को तब से जानती हैं, जब उन्होंने (सुरेंद्रन ने) अलप्पुझा से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
उन्होंने आरोप लगाया, “यह सर्वविदित है कि अलप्पुझा चुनाव के दौरान धन के दुरुपयोग और नकदी बांटने में उनकी (सुरेंद्रन) भूमिका रही है। अब पलक्कड़ के लोगों को भी इसका एहसास हो गया है।”
विनय कुमार ने यह भी कहा कि भाजपा के राज्य नेतृत्व ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि मेरी उस शिकायत की जांच क्यों नहीं की गई, जिसमें मैंने उनके द्वारा धमकी दिए जाने की बात कही थी।”
उन्होंने अपने निलंबन पर निराशा जताते हुए कहा, “मैंने ये मुद्दे राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व दोनों के संज्ञान में लाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए मुझे सच्चाई सामने लाने के लिए मीडिया का सहारा लेना पड़ा।”
विनयकुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि शोभा सुरेंद्रन ने फोन कर उल्टा उन्हीं पर आरोप लगाया कि उन्होंने (विनय कुमार ने) ‘‘वोट के बदले नकदी’’ विवाद खड़ा करने के लिए पलक्कड़ में नकदी भेजी।
हालांकि, सुरेंद्रन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस बीच, जमात-ए-इस्लामी ने शोभा सुरेंद्रन को चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उस बयान को लेकर कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने संगठन पर पलक्कड़ में आरएसएस कार्यकर्ता श्रीनिवासन की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था और उसे “आतंकवादी संगठन” करार दिया था।
संगठन ने अपने नोटिस में इन आरोपों को निराधार बताते हुए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने या एक करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की है।
भाषा खारी दिलीप
दिलीप