केरल: आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल हुए तीन कुलपति, मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता ने की आलोचना

केरल: आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल हुए तीन कुलपति, मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता ने की आलोचना

केरल: आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल हुए तीन कुलपति, मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता ने की आलोचना
Modified Date: June 14, 2026 / 07:43 pm IST
Published Date: June 14, 2026 7:43 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 14 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम में तीन कुलपतियों के शामिल होने की आलोचना की और उनसे माफी की मांग की।

मुख्यमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कहा कि इस कार्यक्रम में कुलपतियों का शामिल होना उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था और केरल की शैक्षिक परंपराओं के भी खिलाफ था।

शनिवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित आरएसएस के शताब्दी समारोह में केरल, एमजी और मलयालम विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल हुए थे।

उन्होंने कहा, ‘आरएसएस के शताब्दी समारोह के तहत आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा संबोधित कार्यक्रम में तीन कुलपतियों के शामिल होने को बहुत गंभीरता से देखा जा रहा है। कुलपतियों ने एक गंभीर चूक की है।’

सतीशन ने कहा कि केरल का समाज कुलपति के पद का बहुत सम्मान करता है और आरोप लगाया कि अति सांप्रदायिक विचारों का प्रचार करने वाले आरएसएस नेता के कार्यक्रम में उनके शामिल होने से इस पद की गरिमा कम हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए कोई भी जिम्मेदार हो।

उन्होंने कहा, ‘सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

उन्होंने मांग की कि आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने वाले तीनों कुलपति केरल की जनता से माफी मांगें।

इस बीच, विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने भी कार्यक्रम में कुलपतियों के शामिल होने पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संघ परिवार का प्रभाव बढ़ाने की कोशिशें झलकती हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भागवत के कार्यक्रम में तीनों कुलपतियों का शामिल होना चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा, ‘केरल के विश्वविद्यालयों के तीन कुलपति उस कार्यक्रम में शामिल हुए। यह एक ऐसा मामला है, जिसे धर्मनिरपेक्ष केरल बहुत गंभीरता से देखता है।’

विजयन ने कहा कि विश्वविद्यालयों में संघ परिवार के एजेंडे को लागू करने की कोशिशों को लेकर पहले से ही चिंताएं जताई जा रही थीं और उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के कार्यक्रम में कुलपतियों की भागीदारी ने इन चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह इस बात का साफ़ उदाहरण है कि आरएसएस किस तरह उच्च शिक्षा के क्षेत्र पर अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।’

उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री, कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की कड़ी आलोचना की।

भाषा राखी दिलीप

दिलीप


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