कोझिकोड (केरलम), 20 अगस्त (भाषा) ट्रांसजेंडर ‘मेकअप आर्टिस्ट’ और ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ जानमोनी दास को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, कोझिकोड साइबर पुलिस ने दास और सोशल मीडिया पर उक्त कथित वीडियो साझा करने वाले दो अन्य लोगों को तलब किया और फिर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ और साक्ष्य जुटाने सहित कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
यह मामला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नव्या हरिदास की ओर से 27 जुलाई को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, दास ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के सिलसिले में कथित तौर पर ये टिप्पणियां की थीं। इन टिप्पणियों से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था।
टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद दास ने एक वीडियो जारी करके माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि भाषा की जानकारी नहीं होने के कारण उनसे ये टिप्पणियां हुई हैं।
पुलिस के मुताबिक,इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 192 (दंगा कराने के लिए उकसाना) और 356(2) (आपराधिक मानहानि) तथा केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120(ओ) (उपद्रव करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए अपराध जमानती हैं।
दास कुछ साल पहले एक लोकप्रिय मलयालम रियलिटी शो में हिस्सा लेने के बाद सुर्खियों में आई थीं।
थाने से निकलने के बाद दास ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने जांचकर्ताओं को वह सभी जानकारी प्रदान कर दी है जो उन्होंने मांगी थी।
दास ने आरोप लगाया कि नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में नयी दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण उन्हें बदले की कार्रवाई के तहत इस मामले में फंसाया गया।
उन्होंने कहा कि विवादित वीडियो में, उन्होंने केवल उस बात का दूसरी भाषा में अनुवाद किया था जो एक अन्य व्यक्ति ने हिंदी में कही थी।
दास ने कहा, ‘‘वह मेरा बयान नहीं था। मैंने केवल वही अनुवाद किया जो एक अन्य व्यक्ति ने कहा था। मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था, और मैंने इसके लिए माफी मांगी है। लेकिन फिर भी, लोग मुझे निशाना बना रहे हैं और परेशान कर रहे हैं।’’
दास ने कहा कि वह कोई नेता नहीं हैं और केरल के कई छात्रों के भी इसमें भाग लेने के बाद विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली गई थीं।
भाषा खारी नरेश
नरेश