नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में मौजूदा श्मशान घाटों का तय समयसीमा के भीतर उन्नयन करने और अत्याधुनिक शवदाह गृहों के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। इसमें गैस आधारित और विद्युत शवदाह गृहों जैसे स्वच्छ विकल्पों तथा पर्यावरण अनुकूल लकड़ी के विकल्पों को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
योजना के अनुसार, उप-शहर स्तर पर श्मशान घाट और विद्युत शवदाह गृह बनाए जाएंगे। प्रत्येक पांच लाख की आबादी पर एक ऐसा शवदाह गृह प्रस्तावित किया गया है, जिसके लिए करीब 2,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की आवश्यकता बताई गई है।
इसमें शहर स्तर पर पशुओं के शवों के निपटान के लिए भी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत प्रत्येक 10 लाख की आबादी पर एक ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
मास्टर प्लान में कहा गया है कि मौजूदा श्मशान घाटों का समयबद्ध तरीके से उन्नयन किया जाना चाहिए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लकड़ी के वैकल्पिक साधनों, गैस आधारित शवदाह गृहों और विद्युत शवदाह गृहों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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शुभम वैभव
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