केरल: पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहने के आरोप में माकपा के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार

केरल: पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहने के आरोप में माकपा के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार

केरल: पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहने के आरोप में माकपा के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार
Modified Date: February 28, 2026 / 05:55 pm IST
Published Date: February 28, 2026 5:55 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 28 फरवरी (भाषा) केरल के तिरुवनंतपुरम में पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर अपशब्द कहने व धमकाने के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

राज्य पुलिस प्रमुख रावड़ा ए. चंद्रशेखर ने दिन में पहले बताया था कि पुलिस का मनोबल गिराने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगरूर थाना पुलिस के मुताबिक, माकपा नेता विष्णु और रतीश को शुक्रवार शाम को पुलिस वाहन को रोकने व अधिकारियों को धमकाने के आरोप में हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने बताया कि 25 फरवरी को नगरूर के जवाहर जंक्शन पर विरोध प्रदर्शन के बाद माकपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी का फ्लेक्स बोर्ड कथित तौर पर फाड़ दिया था।

कांग्रेस द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और बाद में आरोपियों को नोटिस जारी किए।

पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को जब उपनिरीक्षक अंजार एन. के नेतृत्व में एक टीम नोटिस आरोपियों के घर पर नोटिस देकर लौट रही थी, तभी कुछ लोगों के समूह ने वाहन को रोक लिया और अधिकारियों को अपशब्द कहे।

पुलिस के मुताबिक, समूह ने अधिकारी को कथित तौर पर धमकी दी, जिसके बाद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप किया और उन्हें मौके से हटा दिया।

इस घटना के बाद, केरल पुलिस अधिकारी संघ (केपीओए) ने इस कृत्य की निंदा की और राज्य पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

नगरूर थाने में शुक्रवार रात को मामला दर्ज किया गया और अटिंगल के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

केरल पुलिस अधिकारी संघ के महासचिव सीआर बिजू ने एक बयान में कहा कि विरोध प्रदर्शन और आंदोलन नागरिकों व संगठनों के लोकतांत्रिक अधिकार हैं।

उन्होंने कहा कि जब ऐसे विरोध प्रदर्शनों के संबंध में शिकायतें आती हैं, तो पुलिस के लिए अपने आधिकारिक कर्तव्यों के तहत मामले दर्ज करना और जांच करना स्वाभाविक है।

संगठन ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को दुर्व्यवहार, धमकियों और अनियंत्रित व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिसे उन्होंने ‘बेहद खेदजनक’ बताया।

उन्होंने राजनीतिक संगठनों से ऐसे ‘बेहद आपत्तिजनक’ रुख अपनाने वाले व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने का भी आह्वान किया।

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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