तिरुवनंतपुरम, 26 मार्च (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम में वीडी सतीशन की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच ‘समझौते’ के दावों को लेकर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा।
विजयन ने ‘फेसबुक’ पर तस्वीर साझा करते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्ष केरल के लोगों को सतीशन से यह जानने का अधिकार है कि उन्होंने 2006 में अपने परवूर निर्वाचन क्षेत्र में माधव सदाशिव गोलवलकर शताब्दी समारोह में भाग लेने के बारे में क्या प्रतिक्रिया दी।
एमएस गोलवलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दूसरे सरसंघचालक थे और उन्होंने संगठन की परिकल्पना व संरचना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विजयन ने कहा, “विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन को स्पष्ट करना चाहिए कि 2006 में आरएसएस द्वारा परवूर में आयोजित गोलवलकर जन्म शताब्दी समारोह में किस ‘समझौते’ के तहत उन्हें उद्घाटनकर्ता के रूप में उपस्थित होने, गोलवलकर की तस्वीर के सामने सिर झुकाने और औपचारिक दीप प्रज्वलित करने की अनुमति मिली थी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य विधानसभा में परवूर का प्रतिनिधित्व करने वाले सतीशन इस कार्यक्रम से संबंधित सवालों से लगातार बचते रहे हैं और इसके बजाय 2013 में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम का हवाला देते रहे हैं।
मार्क्सवादी नेता ने कहा कि सतीशन ने आरएसएस के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सरसंघचालक गोलवलकर को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में इस तरह सम्मानित किया था।
उन्होंने बताया कि यह घटना फरवरी 2006 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले परवूर के मनक्कप्पड़ी स्कूल में हुई थी।
विजयन ने कहा, “कम से कम विपक्ष के नेता को अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि 2006 में परवूर में हुआ ‘समझौता’ क्या था।”
विजयन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस ने ‘भाजपा-माकपा समझौते’ के आरोपों को तेज कर दिया है।
भाषा जितेंद्र रंजन
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