खेड़ा ने वांगचुक से मुलाकात की, सरकार को दिलाई राजधर्म की याद

खेड़ा ने वांगचुक से मुलाकात की, सरकार को दिलाई राजधर्म की याद

खेड़ा ने वांगचुक से मुलाकात की, सरकार को दिलाई राजधर्म की याद
Modified Date: July 17, 2026 / 02:13 pm IST
Published Date: July 17, 2026 2:13 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की और कहा कि लोकतंत्र में सरकार का नागरिकों की आवाज सुनना ही राजधर्म है।

खेड़ा ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनसे अनशन समाप्त करने की अपील भी की। वांगचुक नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले तीन सप्ताह से अनशन पर हैं।

कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना एक संवैधानिक अधिकार है। जब नागरिक अपनी बात सुने जाने के लिए अनशन पर बैठते हैं, तो सरकार का कर्तव्य उनकी बात सुनना होता है, उनसे मुंह मोड़ लेना नहीं। यही राजधर्म है।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘इंदिरा गांधी जी ने 1984 में यही किया था। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने 2011 में भी यही किया था। वे समझते थे कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी असहमति के बावजूद संवाद करना है।’’

खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने उदासीनता का रास्ता चुना है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार ने शिक्षा सुधारों की मांग पर संवाद करने से इनकार कर दिया है, चाहे यह मांग राहुल गांधी, एनएसयूआई और भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा देशभर में उठाई गई हो या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा उठाई जा रही हो।’’

खेड़ा ने दावा किया कि ऐसी उदासीनता केवल अहंकार नहीं है, बल्कि असंवेदनशीलता है और लोकतंत्र के बिल्कुल अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज मैंने कांग्रेस पार्टी की ओर से सोनम वांगचुक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से मुलाकात की तथा उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनसे अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। कोई भी आंदोलन अपने लोगों को खोकर मजबूत नहीं होता। हमें आगे की लड़ाई लड़ने के लिए जीवित रहना चाहिए।’’

कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार को सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा था कि उनकी (वांगचुक की) चिंताएं कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की भी चिंताएं हैं।

उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी रखेगी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा था कि उनकी पार्टी पिछले दो महीने से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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