कॉजपा का प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी; आइसा ने अनशन पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता

कॉजपा का प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी; आइसा ने अनशन पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता

कॉजपा का प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी; आइसा ने अनशन पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
Modified Date: July 1, 2026 / 04:01 pm IST
Published Date: July 1, 2026 4:01 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहा, जबकि नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का यह चौथा दिन है और उन्होंने कहा कि वे ठीक महसूस कर रहे हैं, हालांकि थोड़ी थकान है।

वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की सेहत को लेकर चिंता जताई।

अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए वांगचुक ने बताया कि उनका रक्तचाप(बीपी) कम पाये जाने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें पानी और नमक का सेवन बढ़ाने की सलाह दी है। नागरिक अधिकार कार्यकर्ता ने बताया कि उनके रक्त शर्करा का स्तर 66 है, जिसका कारण यह है कि उन्होंने तीन दिनों से कुछ भी नहीं खाया है।

वांगचुक ने कहा, ‘‘मेरे रक्त शर्करा का स्तर 66 है जो कम है, लेकिन ऐसा इसलिए है क्योंकि मैंने तीन दिनों से कुछ नहीं खाया है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि उनका वजन दो किलोग्राम कम हो गया है।

उन्होंने समर्थकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ‘‘उन 20 से अधिक छात्रों, जिन्होंने अपनी जान दे दी, और पिछले साल सितंबर में लद्दाख में जान गंवाने वाले पांच युवाओं की तुलना में मेरी परेशानियां कुछ भी नहीं हैं।’’

इस बीच, कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि इनेश नाम का एक छात्र, जो विरोध-प्रदर्शन स्थल पर आठ दिनों से भूख हड़ताल पर था और मंगलवार रात हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, अब ठीक हो रहा है।

दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी टीम उसके संपर्क में है और स्थिति की निगरानी कर रही है।’’

सरकार पर फिर से निशाना साधते हुए दीपके ने कहा कि जवाबदेही की मांग कई घटनाओं के बाद उठी है, जिनमें प्रश्न पत्र लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामले शामिल हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज जवाबदेही की मांग करने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है– अनगिनत प्रश्न पत्र लीक, लाखों सपने टूटे, 20 से अधिक छात्रों की आत्महत्या, और एक शिक्षाविद व युवाओं की भूख हड़ताल।’’

उन्होंने दावा किया कि देश में इससे पहले कभी ऐसी ‘‘अहंकारी’’ सरकार नहीं रही है।

इस बीच, आइसा ने कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ने लगी है।

एक बयान में संगठन ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय छात्र संघ के संयुक्त सचिव दानिश का रक्त शर्करा का स्तर गिरकर 61 पर आ गया है। संगठन ने दावा किया कि चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि अनशन जारी रखने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

आइसा ने यह भी दावा किया कि चिकित्सकों ने आमीन और दीपक को भूख हड़ताल जारी न रखने की सलाह दी, क्योंकि आमीन का रक्तचाप बहुत अधिक था और दीपक का रक्त शर्करा का स्तर 70 था।

आइसा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।

चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर कॉजपा का विरोध-प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ।

भाषा सुभाष धीरज

धीरज


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