बेंगलुरु, आठ सितंबर (भाषा) अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में कथित भर्ती अनियमितताओं के सिलसिले में इसके निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार के बेंगलुरु स्थित आवास पर छापा मारा। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि शिवशंकरप्पा के डॉलर्स कॉलोनी स्थित आवास के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों के परिसरों की भी तलाशी ली गई।
उन्होंने बताया कि सोमवार को शुरू हुई छापेमारी मंगलवार को भी जारी रही।
यह कार्रवाई कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा मामले में साहूकार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के एक दिन बाद की गई। अदालत ने कहा था कि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए और उन पर लगे आरोपों से ‘‘सुनियोजित धोखाधड़ी’’ का संकेत मिलता है।
अदालत ने यह भी कहा था कि लोगों का ‘‘व्यवस्था से पूरी तरह भरोसा उठता जा रहा है।’’ उसने सवाल किया था कि यदि ऐसी अनियमितताएं जारी रहीं तो मेधावी छात्रों का क्या होगा।
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी परीक्षा रिकॉर्ड और ‘ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन’ (ओएमआर) शीट में कथित हेरफेर, बिचौलियों को किए गए भुगतान और भर्ती प्रक्रिया में अन्य अनियमितताओं की जांच कर रही है। जांचकर्ता साहूकार और अन्य आरोपियों की कथित भूमिका की भी पड़ताल कर रहे हैं।
सीआईडी इस मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी और केपीएससी के पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार तथा कथित बिचौलिए बसवराज कन्नाले को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
एजेंसी 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया की जांच कर रही है। इस संबंध में 24 जुलाई को विधान सौध थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
साहूकार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी दो बेटियों का औद्योगिक विस्तार अधिकारियों के पद पर अवैध तरीके से चयन कराने में मदद की।
साहूकार पर यह आरोप लगने के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 13 जुलाई को उन्हें निलंबित कर दिया था।
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सिम्मी वैभव
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