कर्नाटक की राजनीति में लौटना तथा 2028 में वहां जनोन्मुखी सरकार लाना चाहते हैं : कुमारस्वामी

Ads

कर्नाटक की राजनीति में लौटना तथा 2028 में वहां जनोन्मुखी सरकार लाना चाहते हैं : कुमारस्वामी

  •  
  • Publish Date - January 24, 2026 / 07:20 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 07:20 PM IST

हासन (कर्नाटक), 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने शनिवार को यह कहते हुए कर्नाटक की राजनीति में वापसी के संकेत दिये कि वह आने वाले समय में राज्य में ‘जनोन्मुख सरकार’ लाने के लिए यहां अधिक वक्त देंगे।

जनता दल (सेक्युलर) (जद-एस) के नेता कुमारस्वामी ने विश्वास व्यक्त किया कि 2028 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में ‘जनोन्मुख सरकार’ बनेगी, क्योंकि लोग यहां की ‘भ्रष्ट’ कांग्रेस सरकार को हटाना चाहते हैं।

उन्होंने सत्तारूढ़ कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए यह भी दावा किया कि कोई भी जद(एस) को ‘खत्म’ नहीं कर सकता है।

जद(एस) ने 2024 का लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन करके लड़ा था । पार्टी ने अपनी स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर शनिवार को हासन में एक रैली का आयोजन किया है। रैली में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के शामिल होने की संभावना है। हासन देवेगौड़ा का गृह जिला है।

कुमारस्वामी ने राज्य की राजनीति में अपनी वापसी के बारे में पूछे जाने पर कहा, “मैं ऐसा व्यक्ति हूं, जिसकी राजनीति में आने की इच्छा नहीं थी। मैं संयोगवश राजनीति में आया और दो बार संयोग से ही इस राज्य का मुख्यमंत्री बना एवं जनहितैषी कार्य किए। अपने छोटे से कार्यकाल में मैं (अपने पिता) एच डी देवेगौड़ा के अधूरे कार्यों को पूरा नहीं कर सका—विशेषकर किसानों की आजीविका में सुधार का काम। आने वाले दिनों में राज्य में अपनी भूमिका को और अधिक निभाना मेरी जिम्मेदारी है।”

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि कर्नाटक एक समृद्ध राज्य है, लेकिन यहां कई प्रकार के दुरुपयोग को समाप्त करने और लोगों को शांतिपूर्ण जीवन प्रदान करने के लिए जनोन्मुख सरकार की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी इरादे से मैं आने वाले दिनों में कर्नाटक को अधिक समय देना चाहता हूं…(हालांकि) यह मेरे हाथ में नहीं है, यह ईश्वर और जनता की इच्छा है। जनता जो चाहेगी, मैं उसके आगे नतमस्तक हो जाऊंगा।’’

राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘वे दावा करते हैं कि उन्होंने जद(एस) को खत्म कर दिया है। शायद वे हमारी पार्टी से डरते हैं। वे अन्य पार्टियों से नहीं डरते। इसलिए वे इस किसान समुदाय की पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। इसके लाखों वफादार कार्यकर्ता हैं, और इसे कोई खत्म नहीं कर सकता।’’

भाषा राजकुमार दिलीप

दिलीप